काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉक्टरों की टीम ने एक ऐसा उपकरण बनाया है, जिसके माध्यम से बिना सर्जरी के दर्द के मर्ज का कारगर इलाज हो सकेगा। आईएमएस के पेन एंड पेलिएटिव केयर डिवीजन के हेड प्रो. वी. रस्तोगी के निर्देशन में स्वदेशी तकनीक से तैयार निडिल जैसे उपकरण का नाम ‘बैलून कंप्रेशन’ दिया गया है।
काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मीडिया हॉल में शुक्रवार को आयोजित प्रेसवार्ता में प्रो. रस्तोगी ने बताया कि इस उपकरण के माध्यम से स्लिप डिस्क (कमर का दर्द), ट्राईजेमिनल न्यूरेल्जिया जैसी बीमारियों का इलाज बिना आपरेशन के किया जा सकता है। इससे मरीज का समय और खर्च दोनों बचेगा।
सामान्य आपरेशन होने पर मरीज को 15-20 दिन अस्पताल में बिताने पड़ते हैं जबकि इस तकनीक से उपचार करने पर अगले ही दिन मरीज को छुट्टी दे जाती है। आपरेशन का खर्च एक से डेढ़ लाख आता है जबकि इसमें सिर्फ 20-25 हजार रुपये खर्च होते हैं।
एमएस डॉ. ओपी उपाध्याय ने बताया कि 26 जून को दर्द निवारण के आधुनिक तरीकों और तकनीक पर ओटी कॉम्प्लेक्स में कार्यशाला होगी, जिसमें इसके सजीव प्रदर्शन के साथ ही इस्तेमाल की शुरुआत होगी। इस कार्यशाला में डेढ़ सौ से ज्यादा विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।