बिजली उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने के लिए अभी लंबा इंतजार करना होगा। बिजली निगम के अधिकारी भी स्पष्ट रूप से नहीं बता पा रहे हैं कि मीटर कब से लगने शुरू होंगे। पहले इसी माह से स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने थे।
एक साल पहले स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू किया गया था, लेकिन विभाग के मुख्य सर्वर में आई गड़बड़ी के कारण इसे रोक दिया गया। रिवैम्प योजना के तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर मुफ्त में लगने हैं। साथ ही पूर्व में लगे स्मार्ट मीटरों का साफ्टवेयर अपडेट कर उन्हें प्रीपेड में बदलना है।
ये होगा फायदा
बिजली बिल की गड़बड़ी और कटौती से निजात मिल जाएगी। उपभोक्ता जितने का रिचार्ज करेंगे उतना उपयोग कर सकेंगे। भुगतान न करने पर सुबह दस से दोपहर दो बजे के बीच ही बिजली काटी जाएगी। वे अपना रिचार्ज मोबाइल की तरह ऑनलाइन या नजदीकी विद्युत उपकेंद्र पर जाकर कर सकेंगे।
एक नजर में
शहर में चार लाख हैं बिजली निगम के उपभोक्ता
एक साल पहले लगा था 1.60 उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर
40 प्रतिशत उपभोक्ताओं से नहीं मिलता नियमित भुगतान
वर्जन
स्मार्ट प्रीपेड मीटर सभी उपभोक्ताओं के यहां मुफ्त में लगने हैं, लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर कब से लगने शुरू होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। - दीपक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता