नावें नहीं चलने से पर्यटक मायूस दिखे। छपरा से परिजनों के साथ आए राकेश ने बताया कि वे नौका विहार करते हुए काशी के अलौकिक घाटों का सुंदरता देखना चाहते थे, लेकिन नाव संचालन बंद होने से लौटना पड़ रहा है। कोलकाता से आईं जयता मुखर्जी ने बताया कि नाव में बैठकर घाटों की आभा निहारने की इच्छा नाव संचालन बंद होने की वजह से अधूरी रह गई। क्रूज की बुकिंग 15 जुलाई तक फुल है। अब नौका विहार करने के लिए एक दिन और रुकना पड़ेगा।