भाजपा काशी क्षेत्र के क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया, तब से यह पद खाली चल रहा है। इस पद पर नए चेहरों को लेकर पार्टी में तलाश शुरू हो गई है। इस दौड़ में शामिल नेताओं ने जुगाड़ लगाने का काम शुरू कर दिया है।
इनमें ब्राह्मण, ठाकुर, भूमिहार और अनुसूचित जाति के चेहरे हैं। पार्टी में चुनावी समीकरण को देखा जा रहा है। ज्यादातर संभावना भूमिहार और अनुसूचित जाति के चेहरे पर जताई जा रही है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो इसे लेकर प्रदेश नेतृत्व और केंद्रीय नेतृत्व दोनों के पास लोगों ने अपनी पैरवी पहुंचानी शुरू करा दी है। पार्टी के रणनीतिकार आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए क्षेत्रीय अध्यक्ष के पद पर ऐसा चेहरा बैठाने में जुटे हैं जिसका लाभ मिल सके और विरोध भी न होने पाए। अब तक के समीकरण को देखते हुए अनुसूचित जाति, भूमिहार के कोटे से क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
जोड़ तोड़ की राजनीति करने वालों ने अपना-अपना गोल बना लिया है। काशी क्षेत्र के नेताओं को अपनी ओर मिलाने का काम भी शुरू हो गया है ताकि बैठकों और राय शुमारी में उनका नाम उछालने में मदद कर सके।
इससे क्षेत्रीय अध्यक्ष पद पर बने रहने की संभावना उनकी प्रबल हो जाएगी। क्षेत्रीय अध्यक्ष से एक पद नीचे वाले पदाधिकारी भी अपनी बिसात बिछाने में लगे हैं ताकि प्रोन्नति के नाम पर उन्हें क्षेत्रीय अध्यक्ष पद आसानी से मिल जाए।