प्राथमिक कन्या विद्यालय सुंदरपुर (प्रथम) में पहले दिन बच्चे तो पहुंचे लेकिन शिक्षक के आने का उन्हें इंतजार करना पडा़। सुबह करीब साढ़े आठ बजे इस विद्यालय पर दो बच्चे झाड़ू लगाते मिले।
वाराणसी (रबीश श्रीवास्तव)। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित पूर्वांचल के विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन स्कूल चलो अभियान की कड़वी हकीकत सामने आई। यहां पढ़ने वाले तो समय से आ गए मगर पढ़ाने वाले नदारद रहे। कई स्कूलों के तो ताले ही नहीं खुले। छात्रों को बैरंग लौटना पड़ा। कुछ स्कूलों में कर्मचारियों के न आने की वजह से छात्रों को कक्षा में झाडू तक लगानी पड़ी।
विद्यालयों में अधिक से अधिक बच्चों का दाखिला हो सके, इसके लिए इस बार बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से चार चरणों में स्कूल चलो अभियान चलाया जाएगा।
इसमें विद्यालयों से रैली निकालने के साथ ही अभिभावकों के साथ बैठक कर उन्हें बच्चों का दाखिला कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अगले साल जनवरी तक चलने वाले अभियान का पहला चरण एक अप्रैल से शुरू हो गया है, जो तीस अप्रैल तक चलेगा। हालांकि सत्र आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शुरू हुआ है। ऐसे में कुछ स्कूलों में बच्चों को पुरानी किताबें ही बांटी गईं। उधर, आराजीलाइन के परजनपुर में अनुपस्थित रहे दो शिक्षकों से खंड शिक्षाधिकारी स्कंद गुप्ता ने स्पष्टीकरण तलब किया है।