बिजली चोरी रोकने के लिए विभाग अनोखा तरीका अपनाने जा रहा है। इसके तहत ऐसे उपभोक्ता जो अपने आस-पास कटिया कनेक्शन लगाकर बिजली चोरी करने वालों की सूचना विभाग को देंगे उन्हें पुरस्कार के तौर पर प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज में चार सौ रुपये की छूट दी जाएगी।
विभाग प्रति किलोवाट फिक्स चार्ज के रूप में पांच सौ रुपये लेता है। चोरी पकड़वाने वाले को यह केवल सौ रुपये देना होगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड की प्रबंध निदेशक डाॅ. काजल ने शुक्रवार को भिखारीपुर स्थित कार्यालय में समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इसके लिए जल्द ही टेलीफोन नंबर जारी किया जाएगा। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।
एमडी ने बताया कि 12 जनवरी से 28 फरवरी तक पूर्वांचल के 21 जिलों में बिजली चोरी के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा। अभियान की पूरी मानीटरिंग की जाएगी। लापरवाही बरतने पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। अभियान के दौरान प्रत्येक अवर अभियंता प्रतिदिन दो एफआईआर दर्ज कराएंगे।
ऐसा नहीं होने पर अवर अभियंता यह प्रमाण पत्र देंगे कि उनके क्षेत्र में बिजली चोरी नहीं हो रही है। इस अभियान में दो लाख उपभोक्ताओं के खराब मीटर बदले जाएंगे। बांस बल्ली के स्थान पर पोल लगाए जाएंगे। पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर निजी नलकूपों के कनेक्शन दिए जाएंगे। जिन उपभोक्ताओं ने एक दिसंबर तक आवेदन पत्र जमा कर दिया था।
उन्हें 15 फरवरी तक सामग्री जारी कर दी जाएगी। एमडी ने कहा कि अभियान के दौरान 21 जिलों के 10 हजार मोबाइल टावरों की भी जांच की जाएगी। एक ही जगह पांच वर्ष से तैनात जेई, बिल संशोधन के कार्यालय सहायक, लाइनमैन का स्थानांतरण जिले के दूसरे मंडल में किया जाएगा।
बैठक में तकनीकी निदेशक एमएल शर्मा, वित्त निदेशक सुधांशु द्विवेदी, पीआरओ राकेश सिन्हा, मुख्य अभियंता प्रशासन आशीष माथुर आदि शामिल रहे।