वाराणसी। भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने कहा कि जो साहित्यकार काबिल नहीं थे, वही आज पुरस्कार लौटा रहे हैं। कतिपय वामपंथी विचाराधारा के पोषक साहित्यकारों की एक लॉबी मोदी सरकार को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रही है। कहा कि साहित्यकारों का काम साहित्य सेवा है न कि राजनीति करना। विधायक का यह बयान कथाकार काशीनाथ सिंह के साहित्य अकादमी पुरस्कार लौटाने के एलान के दो दिन बाद आया है।
रविवार की दोपहर गुलाब बाग स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में विधायक जायसवाल ने साहित्य अकादमी सम्मान लौटाने का एलान करने वाले काशीनाथ सिंह को आड़े हाथ लिया और कहा कि कथाकार काशीनाथ सिंह की कहानी ‘काशी का अस्सी’ पर बनी फिल्म ‘मोहल्ला अस्सी’ में अश्लील और फूहड़ संवादों
की भरमार है। फिल्म रिलीज होती इससे पहले ही देशभर में इसका विरोध हो गया। ऐसे साहित्यकारों की कृतियों से समाज में विकृति फैल रही है। ऐसे ही लोगों की वजह से देश में धार्मिक सहिष्णुता खतरे में है। जो साहित्यकार समाज में विकृति फैलाए, उसकी निंदा जरूरी है। विधायक ने कहा कि ऐसे साहित्यकारों और कथाकारों से समाज को सजग रहने की जरूरत है।