सिने तारिका सोनम कपूर बुधवार की शाम देव दीवापली की छटा निहारने के दौरान दशाश्वमेध घाट पर गंगा में गिरने से बाल-बाल बच गईं।
दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा की मध्यधारा पर सजे भव्य मंच पर चढ़ते समय बजरे की सीढ़ी टूटने से यह नौबत आई। हालांकि उनके साथ लगे सुरक्षा कर्मियों और गंगा सेवा निधि के वालेंटियर्स की तत्परता के चलते सोनम फिसलने से बच गई और उन्हें मंच पर ले जाया गया।
शाम करीब साढ़े पांच बजे भैंसासुर घाट से बजरे पर सवाल होकर सोनम अपनी मां सुनीता कपूर के साथ दशाश्वमेध घाट के लिए रवाना हुईं।
शाम सवा छह बजे उनका बजरा जब दशाश्वमेध पहुंचा तब उनकी झलक पाने के लिए दूसरी नावों-बजरों पर सवार प्रशंसक शोर मचाने और हाथ हिलाने लगे।
गुलाबी रंग के सूट में सोनम हाथ हिलाकर प्रशंसकों का अभिवादन भी कर रही थीं। जब वह अपने बजरे से उतर कर पैंटून के मंच पर चढ़ने के लिए बढ़ीं तब एक साथ उनके पीछे इतनी भीड़ आ गई और धक्कामुक्की होने लगी।
सोनम जैसे ही मंच की सीढ़ी चढ़ने लगीं उनके पीछे इतने लोग एक साथ आ गए कि मंच की सीढ़ी चरमरा कर टूट गई। हालांकि तब तक उन्हें संभाल कर ऊपर ले जाया जा चुका था।
इससे कुछ देर के लिए अफरातफरी जैसा माहौल बन गया। बीएचयू के कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी भी उसी वक्त भीड़ में फंसे हुए थे।
सीढ़ी टूटने के बाद रास्ता रोक दिया गया। इसके बाद किसी तरह एक-एक कर अतिथियों को मंच पर ले जाया गया।