प. बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी
- फोटो : अमर उजाला
प. बंगाल के राज्यपाल केशरीनाथ त्रिपाठी ने कहा कि विश्व आज स्वीकार रहा है कि दुनिया की प्राचीनतम संस्कृति भारतीय संस्कृति है। उसकी श्रेष्ठता पर कोई विवाद नहीं। सामाजिक परिवर्तन के बावजूद वह शाश्वत है।
बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय में बुधवार को व्याकरण विभाग और भारत अध्ययन केंद्र की ओर से आयोजित महामहोपाध्याय आचार्य सीताराम शास्त्री व्याख्यानमाला में उन्होंने ये बातें कहीं।
उन्होंने ग्रीक, रोमन और चीनी सभ्यता का जिक्र करते हुए कहा कि यहां की संस्कृति समाप्त हो चुकी है। भारतीय संस्कृति सद्कार्यों पर आधारित है। सभ्य जीवन का परिणाम भारतीय संस्कृति ही है।
एक-दूसरे की भावनाओं को आदर देना ही संस्कृति है। सारस्वत अतिथि डॉ. रामनरेश त्रिपाठी ने कहा कि ये विश्वविद्यालय महामानव बनाने का केंद्र है। अध्यक्षता संकाय प्रमुख प्रो. चंद्रमा पांडेय ने की। स्वागत प्रो. बाल शास्त्री ने किया। संचालन प्रो. भगवत शरण शुक्ल और धन्यवाद ज्ञापन प्रो. सदाशिव द्विवेदी ने किया। इस अवसर पर प्रो. रामयत्न शुक्ल, प्रो. रेवा प्रसाद द्विवेदी, प्रो. रामचंद्र पांडेय, प्रो. आशाराम त्रिपाठी, डॉ. कामेश्वर उपाध्याय आदि मौजूद रहे।