गोल्ड कोस्ट में आयोजित कॉमनवेल्थ में गोल्ड जीतने वाली बनारस की रहने वाली गोल्डेन गर्ल पूनम यादव के करियर पर ग्रहण लग गया है।अनुशासनहीनता और गैरजिम्मेदाराना रवैये के कारण भारोत्तोलक महासंघ ने उसे टॉप्स (टारगेट ऑफ पोडियम स्कीम) से बाहर कर दिया है।
इसके साथ ही वह अब वेटलिफ्टिंग के कोर ग्रुप से बाहर हो गई हैं। इसके अलावा उसे एशियाड के कैंप से भी उसका निलंबन जारी है। यह जानकारी बुधवार को वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के जनरल सेक्रेटरी सहदेव यादव ने बातचीत के दौरान दी।
जनरल सेक्रेटरी ने बताया कि पूनम कॉमनवेल्थ में जीत के बाद बिना सूचना के ही कैंप से गायब है। यह घोर अनुशासनहीनता का मामला है। फेडरेशन ने इस मामले में जब जवाब मांगा गया तो उसका जवाब भी संतोषजनक नहीं था। इसी आधार पर अब उसे फेडरेशन ने कोर ग्रुप से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
फेडरेशन की तरफ से उसकी सारी सुविधाएं को रोक दिया गया है। तैयारियों के लिए प्रतिमाह मिलने वाले 50 हजार रुपये के मानदेय पर भी रोक लगा दी गई है।
इसके साथ ही अब उसकी ओलंपिक और एशियन गेम्स की संभावनाएं भी पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है। इस संदर्भ में पूनम यादव के पिता कैलाश यादव ने दुख व्यक्त किया लेकिन पूनम ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।