केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने रविवार को बीएचयू के स्वतंत्रता भवन में दूसरा नेशनल हैंडलूम डे मनाया। इस दौरान केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी ने तीन बुनकरों को 2015 के लिए कबीर पुरस्कार और वाराणसी के शाहिद जुनैद सहित देश के 20 बुनकरों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। तीन अन्य बुनकरों को डिजाइन विकास और हथकरघा उत्पादों के विपणन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिए गए। शिक्षा, कौशल विकास, डिजाइन उन्नयन के लिए पांच समझौतों पर हस्ताक्षर हुआ। साथ ही, छह हथकरघा साझा सुविधा केंद्रों का लोकार्पण किया गया।
10 बुनकरों को मुद्रा योजना के तहत पीएनबी की ओर से ऋण मुहैया कराया गया। 2015 हैंडलूम ब्रांड डिजाइन प्रतियोगिता तथा एनईएफटी ‘डिजाइन सूत्र’ प्रतियोगिता के विजेताआें को भी पुरस्कार दिया गया। इस दौरान वस्त्र मंत्री ने बुनकरों की सुविधा और आमदनी बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। कहा कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने हथकरघा उद्योग के विकास के लिए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। इस मौके पर वस्त्र राज्यमंत्री अजय टमटा, यूपी सरकार के वस्त्र मंत्री महबूब अली, वस्त्र मंत्रालय की सचिव रश्मि वर्मा तथा विकास आयुक्त हैंडलूम आलोक कुमार भी मौजूद रहे।
हाईटेक बनाएंगे साझा सुविधा केंद्रः वाराणसी जिले में 12 करोड़ की लागत से तैयार हुए जिन छह बुनकर साझा सुविधा केंद्रों का लोकार्पण हुआ, वहां बुनकर अपनी जरूरत के अनुसार कंप्यूटर, अंग्रेजी बोलना, डिजाइन या अपने व्यवसाय से संबंधित तकनीक सीख सकते हैं। केंद्र हरपालपुर (काशी विद्यापीठ), करधना (सेवापुरी) कुड़ी (बड़ागांव), महमदपुर (आराजीलाइन) गरसड़ा (चोलापुर) और नेहिया (पिंडरा) में स्थापित किए गए हैं।