उनकी मांग है कि बिजली की दरों में कमी लाई जाए या फिर सौर ऊर्जा का सेटअप लगाने में 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाए। इस बार पीएम से उन्हें ढेरों उम्मीद है। सब मिलाकर पांच सौ करोड़ से ज्यादा का कारोबार है।
वाराणसी मेगा क्लस्टर यह है :
एक भौगोलिक क्षेत्र जहां विशेष प्रकार के उत्पाद तैयार होते हो सरकार उनके संरक्षण संवर्धन के लिए विशेष सुविधाएं देती है। उस खास क्षेत्र के शिल्पी या बुनकरों के समूह की सरकार मदद करती है। वाराणसी मेगा क्लस्टर किसी विशेष क्षेत्र या शिल्पी के लिए नहीं बल्कि पूरे वाराणसी के लिए था जहां अलग-अलग क्षेत्रों में शिल्प व बुनकरी फैली हुई है। क्लस्टर के माध्यम से कच्चा माल, टूल्स, डिजाइन का प्रशिक्षण, ऑनलाइन बाजार में मदद आदि की सुविधा दी जानी है।
मास्टर बुनकर जमालुद्दीन अंसारी का कहना है कि शिल्पियों के लिए क्लस्टर योजना को मजबूती के साथ दोबारा शुरू करने की पूरी उम्मीद है। इससे हजारों लोगों को लाभ होगा। तो वहीं स्टेट अवार्डी बच्चे लाल मौर्या ने बताया कि शिल्पी, महंगी बिजली नहीं खरीद पा रहा है। उसे सौर ऊर्जा का सेट अप लगाने में सब्सिडी मिलने की पूरी उम्मीद है।