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Weather Update: वाराणसी में जेठ को मात दे रही सावन की तीखी धूप, पारा 36 के पार, जानिए कब बरसेंगे बदरा

Thu, 20 Jul 2023 10:59 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी समेत आसपास के जिलों में सुबह से ही तेज धूप से लोग परेशान हैं। पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पीले पड़ गए हैं। उन्हें खेती की चिंता सताने लगी है। गुरुवार को और दिनों की तुलना में धूप ज्यादा तीखी है। मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। 
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तीखी धूप के बीच मॉक ड्रिल करते एनडीआरएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुहाना कहा जाने वाला सावन इस बार जेठ की गर्मी को भी मात दे रहा है। भीषण गर्मी से हर कोई परेशान है। आधा जुलाई माह गुजरने के बाद भी मानसून का ट्रैक कमजोर बना हुआ है। इसका असर यह है कि लोग गर्मी और उमस से बेहाल हैं। सुबह से ही तेज धूप से लोग परेशान हैं। घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। पारा 36 डिग्री तक पहुंच गया है। पिछले कई दिनों से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण किसानों के चेहरे पीले पड़ गए हैं। उन्हें खेती की चिंता सताने लगी है।

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गुरुवार को और दिनों की तुलना में धूप ज्यादा तीखी है। मौसम में अचानक हुए बदलाव के कारण तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। अधिकतम तापमान एक बार फिर बढ़कर 36 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचकर 36.5 रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 28 डिग्री सेल्सियस  हो गया है।
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बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो.मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि फिलहाल इस सप्ताह बारिश के आसार नहीं है और मौसम ऐसे ही रहने के आसार हैं। 22 जुलाई के बाद फिर से अच्छी बारिश की संभावना बन रही है। 

गंगा के 84 घाटों का संपर्क टूटा

पहाड़ों पर बर्फबारी से गंगा का जलस्तर बेतहाशा बढ़ा और बुधवार को 84 घाटों का आपसी संपर्क टूट गया। सीढि़यां पानी में डूब गई हैं। अब गंगा की तरफ से सीढि़यों के सहारे एक दूसरे घाट तक नहीं जाया जा सकेगा। सड़क मार्ग से घाटों तक जाने का विकल्प खुला रहेगा। दूसरी तरफ, दशाश्वेमेध घाट पर होने वाली विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती का स्थल भी डूब गया है। अब निर्धारित स्थल से आरती दस फीट दूर होने लगी है। वहीं, कानपुर के गंगा बैराज से बुधवार को रात आठ बजे तक 2.48 लाख 880 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।

यह पानी दो से तीन दिन में वाराणसी पहुंचेगा। इससे जलस्तर में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।  बुधवार की रात 9 बजे तक जलस्तर 63.13 मीटर रिकॉर्ड किया गया था। इसी वजह से घाटों का आपसी संपर्क भी टूटा है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के शवदाह स्थल भी डूब गए हैं। इससे शवों के अंतिम संस्कार में दिक्कत आ रही है। जलस्तर बढ़ने का सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो जल्द ही नावों का संचालन भी रोकना पड़ सकता है।
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बिजली की कटौती ने बढ़ाई परेशानी

बिजली की कटौती ने बुधवार को लोगों की परेशानी बढ़ा दी। शहर के कई इलाकों में दिन भर बिजली की आवाजाही जारी रही। कहीं ट्रांसफार्मर में लगे तार जल गए तो कहीं पोल से तार टूटकर गिरने से आपूर्ति बाधित रही। बुधवार को शाम से मढ़ौली, चांदपुर, भिटारी के साथ ही वैष्णवपुरी काॅलोनी, सरस्वती नगर काॅलोनी में रात में कटौती से अंधेरा छाया रहा। लोगों ने उपकेंद्र पर फोन कर जानकारी लेनी चाही, सही जानकारी नहीं मिल पाई। मंडुवाडीह डीपीएच उपकेंद्र पर तैनात कर्मचारी भी यह नहीं बता पा रहे थे कि बिजली कब आएगी। मढ़ौली में रहने वाले लोगों ने बताया कि बुधवार को शाम से लेकर रात 11 बजे तक आवाजाही जारी रही, लेकिन रात 11 बजे बिजली कट गई और 12 बजे के बाद आई। 
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