बाढ़ की वजह से हरिश्चंद्र घाट की गलियों में शवदाह हो रहा है। जबकि गंगा आरती का स्थल पूर्व में ही छत पर किया जा चुका है। बीते सात दिनों से बढ़ाव के बाद रविवार सुबह गंगा के जलस्तर में ठहराव आया और सोमवार सुबह से जलस्तर में गिरावट शुरू हुई। हालांकि बलिया में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर है।
बदलते मौसम के बीच शहर से लेकर गांव तक मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ने लगा है। प्राइवेट अस्पतालों के साथ ही सरकारी में मरीजों की भरमार है। पांच से सात सौ तक की होने वाली ओपीडी अब एक हजार के आंकड़े को पार कर रही है। थोड़ी भी आशंका होने पर चिकित्सक मलेरिया, डेंगू और टाइफाइड की जांच करा रहे हैं। वाराणसी में डेंगू का दो केस सामने आया है। दो की रिपोर्ट का इंतजार है।