मानसून के पूर्वांचल में इस बार समय से पहुंचने की संभावना मौसम वैज्ञानिकों ने जताई थी, वह सच ही साबित हुई है। आम तौर पर 20 से 25 जून तक मानसून की बारिश वाराणसी और आसपास के जिलों में होती है लेकिन इस बार जिस तरह प्री मानसून 10 जून और अब मानसून ने भी 13 जून को दस्तक दे दी है, तो हर कोई हैरान है।
मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में लो प्रेशर सिस्टम बनने की वजह से ही इस बार मानसून ने समय से पूर्व पूर्वांचल में दस्तक दे दी है। बताया कि करीब बीस साल बाद इस तरह की स्थिति हुई है, जब 15 जून से पहले मानसून आया हो। जिस तरह से तेजी से मौसम का मिजाज बदल रहा है, और मानसून ने दस्तक दे दी है, उस हिसाब से 20 जून से पहले ही अच्छी बारिश भी हो सकती है।
मानसून आ गया है लेकिन अब तक नाला सफाई का काम पूरा नहीं हुआ है। अब भी नहीं चेते तो बारिश के बाद सड़कों-गलियों से घरों तक सीवर फिर उफनाएंगे और लोग परेशान होंगे। मानसून को लेकर हुई तैयारियां अब तक आधी-अधूरी हैं।
वाराणसी नगर निगम की तैयारियों का आलम यह है कि दो दिन पहले ही प्री मानसून की आधे से एक घंटे की बारिश में ही सड़कों-गलियों पर हुए जलभराव से जगह-जगह पूरे दिन परेशानी उठानी पड़ी थी। मानसून से पहले शहर के छोटे-बड़े 182 नाले-नालियों की सफाई का काम 30 मई तक ही पूरा किया जाना था। लेकिन 13 जून तक भी काम पूरा नहीं हुआ है।
एक तो कई नालों की सफाई का काम अब तक शुरू ही नहीं हो पाया है। दूसरे, जिन नालों की सफाई नगर निगम की ओर से करा लेने का दावा किया जा रहा है, उनकी भी हालात दुरुस्त नहीं है। सिगरा, पहड़िया-बेला, पांडेयपुर-हुकुलगंज और सिगरा में जगह-जगह नालों में सिल्ट और कचरा भरा पड़ा है, जबकि निगम प्रशासन का दावा है कि इनकी सफाई कराई जा चुकी है।