इससे शहरी और ग्रामीण इलाकों में कई जगहों पर जलभराव भी हो गया। अंधरापुल, लहुराबीर, रेलवे कॉलोनी, सिगरा, महमूरगंज, लहरतारा में कई जगहों पर सड़क पर पानी जमा हो गया। राहगीरों को आने-जाने में भी परेशानी हुई। ओलावृष्टि से बरेका, लहुराबीर, बीएचयू परिसर में सड़क सफेद नजर आने लगी।
उधर, अचानक आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश की वजह से गंगा पार टेंट सिटी की बत्ती गुल हो गई। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से पुरवा हवाओं के आने के साथ ही राजस्थान के पूर्वी भाग में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने होने की वजह से मौसम बदला है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी बनी है। इस वजह से अगले तीन दिन तक मौसम ऐसे ही रहने की संभावना है।
बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से गेहूं समेत दलहन की फसलों को नुकसान होगा। रविवार को मौसम के बदले मिजाज से कई बीघे गेहूं की फसल खेत में बीछ गई। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। । फूलपुर के किसान रमेश और कलावती मौर्या ने बताया कि क्षेत्र में 100 से 150 किसानों का गेहूं फसल सैकड़ों बीघे में गिर गई है। जिसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ेगा। साथ ही दाने पतले होने, काले धब्बे की संभावना भी बढ़ गई है। गेहूं की फसल गिरने से आधी फसल चौपट हो गई है।