ओमान, दुबई, बहरीन, शारजाह जैसे देशों से बनारसी लंगड़ा, दशहरी, चौसा आम की मांग है। लेकिन सोमवार की तेज आंधी के बाद सब चौपट हो गया। पांच सौ पेड़ों से करीब 12500 किलो आम गिर गए। इसी तरह चिरईगांव के किसान होसिला का पांच बीघे में फैले बगीचे का और काशी विद्यापीठ के अखिलेश नारायण सिंह का 72 बीघे में फैले बगीचे का आम आंधी में गिर गया।
गर्मी के कारण पहले ही आम की फसल कम लगी थी। तेज आंधी के बाद नौ से एक हजार हेक्टेयर में फैले बगीचे और पेड़ो से 30 प्रतिशत तक आम के गिरने की संभावना है। क्षेत्रीय उद्यान अधिकारियों को नुकसान का सही आकलन करने के लिए कहा गया है। अगले एक से दो दिनों में सर्वे के बाद नुकसान का सही आकलन होगा- सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी