Varanasi News: जिले के वार्ड नंबर 11 स्थित तकिया वाली गली में लगभग 400 की आबादी सीवर और पेयजल की समस्या से परेशान है। लोगों ने बताया कि बीस साल पहले गली बनी थी, अब सिर्फ मरम्मत होते हैं, वह भी दर्जनों बार शिकायत करने पर। टूटे पत्थर, सीवर का मलबा, गंदगी, बदबू इस गली की पहचान बन चुकी है। सभासद भी चुनाव के समय सिर्फ वोट मांगने आए थे।
बाढ़ का दंश झेलने वाले यहां के लोग बताते हैं कि हमारे लिए यहां हर दिन समस्याएं हैं। पानी के कनेक्शन वाली पाइप टूटी हुई है। सड़कें उबड़-खाबड़ हैं। सीवर भी हफ्ते-दस दिन पर जाम हो जाते हैं। सफाई हुई तो मलब भी नहीं उठता। सफाईकर्मी सिर्फ घर के कूड़े ले जाते हैं, क्योंकि उसके पैसे देने होते हैं। गली के कूड़े छोड़ दिए जाते हैं।
स्थानीय लोगों की सुनें
मोहम्मद असलम ने बताया कि सीवर जाम होने के बाद बच्चों को स्कूल जाने में ज्यादा दिक्कत होती है। उन्हें अपने जूते उतारकर रास्ता पार करना पड़ता है। सीवर के गंदे पानी की बदबू से सिर चकरा जाता है।
पिंटू सोनकर ने बताया कि यहां पेयजल की समस्या काफी है। बिजली के खंभे जर्जर हो जाने के कारण विद्युत तार काफी नीचे लटक रहे हैं। लोग एक-दूसरे के घरों पर लोहे का एंगल लगाकर उस पर तार टिकाए हुए हैं।
रमेश बिंद बताते हैं कि सड़क पर सफाई व्यवस्था काफी ठीक है। गलियों का हाल इसके ठीक उलट है। यहां चर्मशोधन कारखाना भले ही बंद हो गया, लेकिन इस गली में अभी भी बदबू से हम लोगों को परेशान होना पड़ता है।
काजल और शब्बी सहित अन्य महिलाएं कहती हैं कि यहां बारिश होने पर स्थिति और बद्तर हो जाती है। घर में सीवर का पानी अंदर घुस जाता है। इससे बीमारियों का भी खतरा बढ़ जाता है।
पेयजल की काफी समस्या
स्थानीय लोगों ने बताया कि पाइप लाइन में जगह-जगह छेद हो गए हैं इस कारण यहां पानी भी गंदा आता है। मजबूर हमें यह पानी पीना भी पड़ता है। कई बार शिकायतें की गर्इं लेकिन समाधान आज तक नहीं हुआ। इस कारण यहां बच्चे भी अक्सर बीमार पड़ जाते हैं।
पार्षद बृजेश चंद श्रीवास्तव।
- फोटो : अमर उजाला
क्या कहते हैं वर्तमान पार्षद
इस समस्या के बाबत स्थानीय पार्षद बृजेश चंद श्रीवास्तव बताते हैं कि 2017 के बाद से हुकुलगंज में काफी विकास कार्य हुए हैं। इस वार्ड के संपूर्ण विकास के लिए 60 करोड़ रुपये भी स्वीकृत हुए हैं। एक-दो महीने में टेंडर होते ही सीवर और पेयजल की समस्याओं का समाधान हो जाएगा। गलियों में नई सीवर लाइन बिछाई जाएगी। सफाई की व्यवस्था भी यहां काफी ठीक हो गई है। सड़कों से कूड़े हर दिन उठाए जा रहे हैं।
पूर्व पार्षद व भाजपा नेता महेंद्र सिंह ‘शक्ति’।
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क्या कहते हैं पूर्व पार्षद
पूर्व पार्षद व भाजपा नेता महेंद्र सिंह ‘शक्ति’ ने बताया कि 20 साल पहले तकिया वाली गली सहित अन्य गलियों में सीवर-सड़क के निर्माण कार्य कराए गए थे। स्थानीय लोग अगर समस्या बता रहे हैं तो उसे सुनने के साथ समाधान भी कराना चाहिए। जिन गलियों में चौका-पत्थर खराब हो गए हैं, वहां इंटरलॉकिंग का कार्य नए सिरे से हो तो समस्या खत्म हो जाएगी।