अगले साल प्रयाग में होने वाले महाकुंभ में देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को पहली बार गंगा की लहरों पर पानी के जहाज नजर आएंगे। इनलैंड वाटरवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) और मेला प्रशासन इन्हें संयुक्त रूप से संचालित करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक, आईडब्ल्यूएआई भी एक-दो जहाज मुहैया कराएगा। फिलहाल, फेरी सर्विस शुरू करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत संगम से 10-10 किलोमीटर दोनों तरफ पानी के जहाजों से आवागमन होगा। 10 किलोमीटर के दायरे में कई स्थानों पर तैरने वाली जेट्टी तथा छोटे टर्मिनल बनाए जाएंगे।
फेरी सर्विस का उद्देश्य श्रद्धालुओं और पर्यटकों को परिवहन के एक अलग अंदाज का आनंद देना है। साथ ही सड़कों पर यातायात के दबाव को कम करते हुए उन्हें संगम तक पहुंचाना है।
प्रथम चरण में वाराणसी से हल्दिया के बीच गंगा में जलमार्ग विकसित किया जा रहा है। नवंबर तक वाराणसी टर्मिनल का कार्य पूरा करने के साथ ही जहाजों का संचालन किया जाना है। वाराणसी से इलाहाबाद और आसपास के जिलों से भी इस सुविधा के लिए सर्वे किया जा रहा है।
देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को अलग अहसास दिलाने के लिए पर्यटन एजेंसियों ने क्रूज संचालित करने की योजना बनाई है। फिलहाल कोलकाता से पटना तक आने वाले क्रूज अब इलाहाबाद तक जाएंगे।