ताड़ीघाट रजवाहे में छोड़ा पानी
सिंचाई विभाग ने 20 जनवरी को असमय पानी बंद कर दिया था
गेहूं, चना, मसूर और सरसों की सिंचाई के लिए परेशान थे किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सुहवल। सिंचाई विभाग की ओर से ताड़ीघाट रजवाहे में करीब दो सप्ताह के अंतराल के बाद पानी छोड़ दिया गया है। रजवाहे में पानी आते ही क्षेत्र के अन्नदाताओं ने राहत की सांस ली है। अब किसानों को रबी सीजन में बोई गई गेहूं समेत अन्य प्रमुख फसलों के बेहतर उत्पादन की उम्मीद बंधी है।
27 किलोमीटर लंबे रजवाहे में सिंचाई विभाग ने 20 जनवरी को असमय पानी बंद कर दिया था, जिससे गेहूं और अन्य फसलों की सिंचाई प्रभावित हो रही थी। पानी के अभाव में खेतों में खड़ी फसलों का रंग पीला पड़ने लगा था और किसानों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। कई गांवों के किसान फसल बचाने के लिए वैकल्पिक साधनों का सहारा ले रहे थे। अन्नदाताओं ने बताया कि रबी सीजन में क्षेत्र में मुख्य रूप से गेहूं, चना, मसूर और सरसों की खेती की जाती है। इन फसलों के लिए समय पर सिंचाई बेहद जरूरी होती है और पानी आने से अब फसलें फिर से हरी-भरी होने की उम्मीद जगी है। रजवाहे में पानी छोड़े जाने के बाद किसान सिंचाई की तैयारियों में जुट गए हैं। रजवाहा इलाके के दो दर्जन से अधिक गांवों के लिए जीवनदायिनी माना जाता है। सिंचाई विभाग के एसडीओ सुबोध कुमार ने बताया कि फसलों की सिंचाई प्रभावित होने की सूचना मिलते ही रजवाहे में पूरी क्षमता के साथ पानी छोड़ा गया है। किसानों की मांग पूरी होने तक पानी की आपूर्ति निर्बाध और लगातार जारी रहेगी।