फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू: काशी में सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे तक 8 सेंटीमीटर बढ़ा, अब लगातार बढ़ेगा; चिंता भी

Thu, 10 Sep 2026 06:01 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बुधवार शाम से फिर बढ़ने लगा। सुबह आठ से रात आठ बजे तक आठ सेंटीमीटर वृद्धि दर्ज हुई। इससे गंगा और वरुणा किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के अनुसार 16 गांव और 24 मोहल्ले प्रभावित हैं, जहां 877 परिवारों के 4082 लोग बाढ़ की जद में हैं। एनडीआरएफ की दो टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।
विज्ञापन
वाराणसी में बाढ़ का निरीक्षण करते अफसर। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गंगा के जलस्तर में बुधवार की शाम से एक बार फिर बढ़ोतरी शुरू हो गई। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक जलस्तर में आठ सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। केंद्रीय जल आयोग ने पहले ही जलस्तर बढ़ने के आसार जताए थे। अचानक बढ़ते पानी ने गंगा और वरुणा किनारे बसे इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

विज्ञापन


बीते एक सप्ताह से गंगा के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही थी। बुधवार सुबह तक जलस्तर घटकर 69.15 मीटर पर पहुंच गया था। इसके बाद शाम से जलस्तर बढ़ने लगा। पानी बढ़ने से गंगा के तटीय इलाकों, पक्के घाटों, गलियों और घाटों को जोड़ने वाले रास्तों पर असर पड़ रहा है। कई रास्ते पहले ही बाढ़ के पानी में समा चुके हैं।

Trending Videos
विज्ञापन

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल नदी किनारे बसे इलाकों तक सीमित नहीं है। इसकी सहायक नदी वरुणा के किनारे बसी दर्जनों बस्तियों और रिहायशी इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा के पानी में वृद्धि होने पर वरुणा के किनारे बसे क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है। इन इलाकों में बड़ी आबादी निवास करती है।

जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में अभी तक 16 गांव और 24 मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में 877 परिवार और कुल 4082 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ की दो टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।

जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। घाटों और निचले इलाकों में पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। लोगों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें