गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर केवल नदी किनारे बसे इलाकों तक सीमित नहीं है। इसकी सहायक नदी वरुणा के किनारे बसी दर्जनों बस्तियों और रिहायशी इलाकों पर भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंगा के पानी में वृद्धि होने पर वरुणा के किनारे बसे क्षेत्रों में स्थिति और चुनौतीपूर्ण होने की आशंका है। इन इलाकों में बड़ी आबादी निवास करती है।
जिला प्रशासन की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, वाराणसी में अभी तक 16 गांव और 24 मोहल्ले बाढ़ से प्रभावित हैं। इन इलाकों में 877 परिवार और कुल 4082 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ की दो टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हैं।
जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन की निगरानी भी बढ़ा दी गई है। नदी किनारे के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। घाटों और निचले इलाकों में पानी बढ़ने से आवागमन प्रभावित होने लगा है। लोगों की नजर अब गंगा के जलस्तर पर टिकी है।