पर्यावरण संरक्षण अगर आस्था से जुड़ जाए तो नतीजे बेहतर हो सकते हैं। नगर निगम की ओर से इसी परिपाटी पर शहर के पार्कों में नवग्रह वाटिका बनाई जा रही है। प्रतिदिन लोग पार्कों में आते हैं, इनकी परिक्रमा करते हैं और इन्हें सींचते हैं।
शहर में कई कालोनियों में ऐसे पार्क हैं, जिनमें नवग्रह के पौधे लगाए गए हैं। यही नहीं नगर निगम की ओर से भी पार्क में नवग्रह के पौधे लगाए जा रहे हैं। नगर निगम के सामने हर्बल पार्क में और पार्वतीपुरी कालोनी के पार्क में नवग्रह वाटिका है। यहां लोग नवग्रह शांति की कामना से आते हैं और पौधों की परिक्रमा कर जल चढ़ाके चले जाते हैं।
श्री काशी विद्वत परिषद के संगठन मंत्री ज्योतिषाचार्य पंडित दीपक मालवीय ने बताया कि शास्त्रों में नौ ग्रहों के पौधे का वर्णन है। अपने ग्रह के हिसाब से लोग जल चढ़ाकर और परिक्रमा कर उतना ही लाभ प्राप्त कर सकते हैं, जितना अन्य उपायों से करते हैं।
वास्तु से जुड़ी पुस्तकों में भी इनका उल्लेख किया गया है, जो लोग रत्नों पर खर्च करने में सक्षम नहीं हैं वे अपने ग्रह के हिसाब से पौधे को एक लोटा जल चढ़ाकर लाभ प्राप्त कर सकते हैं।