फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाइप लाइनों में लीकेज से हर रोज 60 एमएलडी पानी बर्बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। जर्जर हो चुकी पाइप लाइनों के रखरखाव पर ध्यान नहीं देने से 20 फीसदी पानी बर्बाद हो रहा है। अगर पाइप लाइनों को दुरुस्त कर लिया जाए तो शहर की 20 प्रतिशत (करीब 3.20 लाख) लोगों को पानी की पूर्ति हो सकती है। जल संस्थान के पास पानी को बर्बाद होने से बचाने के लिए योजना तो है पर योजना के लिए धन का इंतजाम नहीं है।
विज्ञापन

जवाहर लाल नेहरू अर्बन मिशन योजना के अमल में आने के बाद भी इस स्थिति में सुधार नहीं है जल संस्थान के पास उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक शहर की कुल आबादी 16 लाख है। 172 लीटर प्रति व्यक्ति औसत जरूरत पर दस फीसदी अतिरिक्त पानी का व्यय माना गया है। इसके अनुसार शहरवासियों की मांग की पूर्ति के लिए कुल 276 एमएलडी पानी की जरूरत है, लेकिन दे रहे हैं 216 एमएलडी। इसकी भरपाई करने के लिए शहर में 148 नलकूप हैं। इनमें 39 मिनी नलकूप हैं। भेलूपुर में गंगा से पानी लेकर शोधन करने की व्यवस्था। पानी को घर-घर पहुंचाने के लिए 590 किलोमीटर लंबी पाइपों का जाल बिछाया गया है। करीब 20 फीसदी यानी 60 एमएलडी पानी पाइपों में लीकेज के चलते बर्बाद हो रहा है।
नगर निगम क्षेत्र की आबादी 16 लाख
बिछायी गई पाइप लाइन की कुल दूरी 590 किलोमीटर
प्रतिदिन औसत पानी की जरूरत 276 एमएलडी
जल मिलने का श्रोत नदी से 150 एमएलडी
नलकूपों से निकलने वाला जल 150 एमएलडी
प्रतिदिन मांग के सापेक्ष आपूर्ति में कमी 60 एमएलडी
लीकेज के चलते पानी की हानि 20 फीसदी
20 प्रतिशत पानी लीकेज और अन्य कारणों से लॉस हो जाता है। 150 एमएलडी गंगा से और 150 एमएलडी नलकूपों से आपूर्ति होती है। कई जगहों पर पाइप लाइनें बदली गई हैं। कुछ जगहों पर जहां बचा है, उन्हें भी बदला जाएगा। - नीरज गौड़, महाप्रबंधक, जलकल
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें