उदय प्रताप कॉलेज (यूपी कॉलेज) परिसर स्थित मस्जिद में शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा करने 500 से ज्यादा नमाजी पहुंच गए। इस पर छात्र नेताओं ने नाराजगी जताई और संयुक्त पुलिस आयुक्त के एजिलरसन, एडीएम सिटी आलोक वर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
मामले में कार्रवाई की मांग भी की। छात्र नेताओं ने दावा किया कि आमतौर पर यहां पांच-छह लोग ही जुमे की नमाज अदा करने आते थे, लेकिन इस बार 500 से ज्यादा लोग पहुंच गए। इससे कॉलेज की पढ़ाई प्रभावित हुई। वहीं, नमाजियों की संख्या बढ़ने से पुलिस चौकन्नी हो गई और सुरक्षा बढ़ा दी गई।
यूपी कॉलेज परिसर में नवाब टोंक की मस्जिद और कचनार शाह की मजार है। शुक्रवार को नमाज के समय अचानक यहां नमाजियों की लाइन लग गई तो छात्रनेता पुलिस और प्रशासन के पास पहुंच गए। छात्रनेता विवेकानंद, शिवम सिंह बाबू ने कहा कि कॉलेज की स्थापना राजर्षि जूदेव प्रताप सिंह ने की थी। अब एक पत्र वायरल हो रहा है।
इसके जरिये कहा जा रहा कि जमीन सेंट्रल वक्फ बोर्ड की है। यह तथ्यहीन है। ऐसा करके शैक्षणिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है, जो कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने मांग की कि सभी तथ्यों के निस्तारण होने तक कॉलेज में बनी मजार-मस्जिद में आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाए। ऐसा नहीं हुआ तो छात्र आंदोलन करने के लिए विवश होंगे।
ज्ञानवापी : जुमे पर आते थे 800 लोग शुक्रवार को पहुंचे 1000 से ज्यादा
ज्ञानवापी में शुक्रवार को नमाज अदा करने आम दिनों की अपेक्षा ज्यादा लोग पहुंचे। आम दिनों में ज्ञानवापी में लगभग 150 लोग आते हैं। जुमे के दिन नमाजियों की संख्या 800 के आसपास रहती है। जबकि शुक्रवार को ज्ञानवापी में नमाज अदा करने 1000 से ज्यादा लोग पहुंचे। अधिक लोगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस और प्रशासनिक अफसर यहां अधिक पुलिस बल के साथ तैनात रहे।
इनकी भी सुनें
छह साल पहले के एक पत्र को सोशल मीडिया पर साझा करके वायरल किया जा रहा है। यूपी कॉलेज प्रशासन और छात्रों से बात हुई है। स्थिति सामान्य है। कॉलेज में पठन-पाठन का काम सामान्य तरीके से चल रहा है। पुलिस स्तर से एहतियातन निगरानी और सतर्कता बढ़ाई गई है। - चंद्रकांत मीना, डीसीपी वरुणा जोन
यूपी कॉलेज में सैकड़ों साल पुरानी मस्जिद है। वह अवैध कैसे हो सकती है। जबकि इस्लाम में स्पष्ट कहा गया है कि एक इंच भी अवैध जमीन पर मजिस्द बनाना जायज नहीं है। हाल के दिनों में देशभर में मस्जिदों को लेकर माहौल बनाया जा रहा है, जो सही नहीं है। - मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मुफ्ती ए शहर