काशी की सड़कों पर रविवार को बेटियों ने मिनी मैराथन दौड़ के जरिए कन्या भ्रूण हत्या रोकने का संदेश दिया। हाथ में तिरंगा लेकर निकलीं बेटियों के बीच इस दौरान उठो, जागो और अजन्मियों का स्पंदन सुनो... जैसे नारे गूंज रहे थे। इसमें शहर के 22 शिक्षण संस्थानों की तीन हजार से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर में शिक्षकों, अभिभावकों के अलावा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कन्या कोख बचाने का संकल्प लिया। बेटियों को बचाने के लिए यह जागरूकता रैली आगमन संस्था की ओर से निकाली गई थी।
लंका चौराहा पर सुबह नौ बजे महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा को नमन कर बेटियों की मिनी मैराथन दौड़ शुरू हुई। मालवीय प्रतिमा से लंका तिराहे तक बेटियों ने दौड़ लगाई। इसके बाद झंडे, बैनर, पोस्टर और प्रेरक स्लोगनों वाली तख्तियां लिए हुए छात्राओं का हुजूम रवींद्रपुरी, शिवाला, भदैनी होते हुए दिन के 11 बजे अस्सी स्थित जगन्नाथ मंदिर पहुंचा। इस पदयात्रा में स्केटिंग छात्राओं का दल कथक नृत्यांगना सोनी चौरसिया तिरंगा के नेतृत्व में तिरंगा ध्वज लेकर बढ़ता नजर आया।
पैरा मेडिकल छात्राओं ने भी बेटी बचाओ के नारे लगाए। शिवाला पहुंचने पर मुसलिम समाज के लोगों ने पुष्पवर्षा कर पदयात्रा का स्वागत किया। जगन्नाथ मंदिर परिसर में भ्रूण हत्या रोकने का संकल्प दिलाया गया। जगन्नाथ मंदिर परिसर में जादूगर आदित्य रैना ने हाथ की सफाई से लोगों को चकित किया। इस रैली में डॉ. रितु गर्ग, माधुरी पांडेय, डॉ. पीयूष यादव, चंद्र प्रकाश मिश्र, डॉ. अशोक राय, धर्मेंद्र सिंह दीनू, अखिलेश खेमका, डॉ. चंचल कुमार, डॉ. पद्मजा शर्मा समेत तमाम लोग शामिल थे। संचालन डॉ. संतोष ओझा ने किया।