प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष इमैनुअल मैक्रों 12 मार्च को वाराणसी आने वाले हैं। पीएम के काफिले के लिए लखनऊ और गाजियाबाद से वीवीआईपी वाहन मंगाए जाएंगे। इसमें इनोवा क्रिएस्टा और सियाज शामिल हैं।
इन वाहनों की संख्या करीब 30 होगी, जिसमें पीएम और फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष के साथ चलने वाले अधिकारी बैठेंगे। इन वाहनों की व्यवस्था के लिए यूपी रोडवेज के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। जबकि दोनों वीवीआईपी की सुरक्षा को लेकर एसपीजी ने जिला प्रशासन ने 113 वाहनों की मांग की है।
इन वाहनों की जिम्मेदारी परिवहन विभाग को दी गई है। परिवहन विभाग के अधिकारी इनकी व्यवस्था में जुट गए हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा को लेकर बुलेटप्रूफ वाहन एसपीजी स्वयं दिल्ली से लेकर आएगी, लेकिन उनके साथ चलने वाले करीब सौ से अधिक अधिकारियों कर्मचारियों के लिए भी करीब 150 वाहन लगाए जाएंगे।
इन वाहनों में 30 वीवीआईपी वाहन हैं, जिसकी जिम्मेदारी रोडवेज के वाहन शाखा को दे दी गई है। सुरक्षा के लिए एसपीजी ने 113 वाहनों की मांग की है। इसमें इनोवा, जाइलो, स्कॉर्पियो सहित कई अन्य तरह के लग्जरी वाहन शामिल हैं।
20 कंपनी सीपीएमएफ और 19 कंपनी पीएसी की मांग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन के वाराणसी आगमन के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिला पुलिस की ओर से 20 कंपनी सेंट्रल पैरामिलिट्री फोर्स (सीपीएमएफ), 17 कंपनी पीएसी और एक कंपनी पीएसी बाढ़ राहत दल की मांग की गई है। वहीं, फ्रांस के राष्टपति के गंगा दर्शन के मद्देनजर घाटों और इससे सटी गलियों में पुलिस और पीएसी की सक्रियता बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंगलवार को एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री और आईजी जोन दीपक रतन ने एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज से जानकारी ली।
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात होने वाले 8500 से ज्यादा पुलिस, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के ठहरने के लिए मुकम्मल व्यवस्था कराने का निर्देश एसएसपी को दिया गया है।
इसके साथ ही रूट डायवर्जन की ऐसी व्यवस्था करने को कहा गया है कि आम आदमी को समस्या न हो और वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित न हो। इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति के कार्यक्रम स्थलों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था का खाका खींचकर फोर्स की मांग की गई है। गंगा घाटों के किनारे रहने वालों का वेरिफिकेशन कराया जा रहा है।
इन परियोजनाओं का होना है लोकार्पण/ शिलान्यास
प्रधानमंत्री
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 मार्च को डीरेका में आयोजित समारोह में काशी को करोड़ों की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इसमें 557 करोड़ 20 लाख 40 हजार लागत की परियोजनाओं का लोकार्पण और 718.87 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। मंगलवार को पीएम के लोकार्पण और शिलान्यास संबंधी प्रस्ताव बनाकर जिला प्रशासन की ओर से मुख्य सचिव और पीएमओ के निदेशक को भेज दिया गया। पीएमओ के दिशा निर्देश पर इसमें फेरबदल हो सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन के अधिकारी लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रमों को अंतिम रूप देने में लगे रहे। अलग-अलग विभागों से रिपोर्ट मांगी जाती रही। सूत्रों का कहना है कि प्रस्तावित कार्यक्रमों में से कुछ परियोजनाएं हट सकती हैं तो कुछ को शामिल भी किया जा सकता है।
अगले दो दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने साढ़े तीन करोड़ से बीएचयू परिसर स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर, बीएचयू गेट, मदन मोहन मालवीय प्रतिमा, सामनेघाट सेतु और काशी विश्वनाथ मंदिर को प्रकाशमान किए जाने का प्रस्ताव किया है। इसके लिए अत्याधुनिक लाइट लगाई जाएगी। इसका शिलान्यास पीएम करेंगे।
इन परियोजनाओं का होना है लोकार्पण-कुल लागत- 5572 लाख
पुलिस लाइन में एसटीएफ भवन-124.97 लाख
जक्खिनी में बल्लभभाई पटेल राजकीय डिग्री कालेज एवं डीरेका के गर्ल्स डिग्री कालेज में दो-दो कक्षाओं का निर्माण-150 लाख
मंडुवाडीह आरओबी- 3916.98 लाख
लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल का उच्चीकरण- 79.11 लाख
राजातालाब तहसील भवन- 340 लाख
गंगा दर्शन गेस्ट हाउस- 700 लाख
कल्लीपुर पेयजल योजना- 260 लाख