शिवगोपाल मिश्र, केंद्रीय महामंत्री, आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन
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केंद्र सरकार की भारतीय रेलवे को निजीकरण में तब्दील करने की मंशा को कभी सफल नहीं होने दिया जाएगा। निजीकरण को हर हाल में बेपटरी करने को लेकर जारी संघर्ष को और तेज किया जाएगा। इसके लिए कारगर रणनीति बनाई जा रही है। उक्त बातें आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के केंद्रीय महामंत्री शिवगोपाल मिश्रा ने मंगलवार को वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन स्थित नार्दन रेलवे मेंस यूनियन कार्यालय में आयोजित पत्रकारवार्ता के दौरान कहीं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे का निजीकरण निगमीकरण और रेलवे की अचल संपत्ति को लीज पर दे कर रेलवे को निजी हाथों में धकेलने का प्रयास कर रही है लेकिन जब तक आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन है हम रेलवे का निजीकरण नहीं होने देंगे।
वहीं एआईआरएफ के केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेलवे यूनियन मान्यता के चुनाव में देरी व श्रम कानूनों में बदलाव सरकार की सबसे बड़ी कमजोरी को दर्शाता है। केंद्र सरकार निरंतर रेलवे कर्मचारियों और अन्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों पर कुठाराघात करने का काम व नए-नए श्रम कानून लाकर करते जा रही है।
नई पेंशन योजना से उनके सामाजिक अधिकार और भविष्य अंधकार में है। जिसके लिए आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन लगातार केंद्र सरकार पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने के लिए दबाव बनाए हुए है। कार्यकर्ता जागरूकता अभियान के दौरान आगमन पर उन्होंने एनआरएमयू व डीएलडब्ल्यू मेंस यूनियन के नौजवानों से अपील किया कि संगठित होकर एक मंच से आंदोलन को गति दें।
इस दौरान लखनऊ मंडल के मंडल अध्यक्ष राजेश सिंह, सहायक मंडल मंत्री एसके सिंह, वाराणसी शाखा के शाखा सचिव सुनील कुमार सिंह, डीके सिंह, राजकुमार, शाखा अध्यक्ष राजेश्वर शुक्ला, सुभाष गौतम, डीपी सिंह, अखिलेश पांडेय, प्रमोद कुमार, अशोक राय, तफ्जील अहमद, पवन उपाध्याय, बलवंत गुप्ता आदि उपस्थित रहे।