रंगभरी एकादशी पर आज बाबा काशी विश्वनाथ होली खेलेंगे। बाबा के गवने की बारात महंत डॉ. कुलपति तिवारी के घर से निकलेगी।इसी के साथ विश्वनाथ गली अबीर-गुलाल से लाल हो जाएगी। फिर काशी में पांच दिन होली होगी। होलिका की प्रतिमाएं भी गलियों, तिराहों, चौराहों और घाटों पर प्रतिष्ठापित हो जाएंगी।
बाबा के दरबार में रंगभरी एकादशी पर अबीर-गुलाल की बौछार होगी। करीब पांच कुंतल से अधिक अबीर-गुलाल गलियों में उड़ेंगे। छतों, बारजों और खिड़कियों से गुलाल गलियों में उड़ेला जाएगा। बाबा के स्वर्ण शिखरों वाले मुक्तांगन में शिवार्चनम संगीत संध्या की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। पद्मश्री सोमा घोष ठुमरी, दादरा की प्रस्तुति देंगी तो कथक क्वीन जयंतीमाला की तिहाइयों पर थिरकन से बाबा के मुक्तांगन में श्रद्धालु मुग्ध होंगे।
संतोष नाहर की वायलिन गूंजेगी तो पं. शिवनाथ मिश्र, पं. देवव्रत मिश्र का गायकी अंग में सितार वादन होगा। मुख्य कार्यपालक अधिकारी एमपी सिंह ने शुक्रवार की शाम मंदिर में रंगभरी एकादशी की तैयारियों का जायजा लिया। शिवार्चनम के संयोजक अजय शर्मा और इलाहाबाद बैंक के रमित मिश्र ने तैयारियों की जानकारी दी। इसके बाद वह महंत आवास पर पहुंचे। महंत डॉ कुलपति तिवारी ने बताया कि शाम पांच बजे बाबा की पालकी निकलेगी।
इससे पहले दिन के 12:30 बजे बाबा की चल प्रतिमाओं का शृंगार होगा। भोग आरती होगी। इसके बाद महाआरती उतारी जाएगी। दोपहर एक बजे से आम भक्तों के लिए महंत निवास में चल प्रतिमाओं का दर्शन आरंभ हो जाएगा।