उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। ऐसे मामलों में प्रशासन को निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला बयान देने का दुस्साहस न कर सके।
गौरतलब है कि हाल ही में मौलाना जरजिस अंसारी का एक बयान सामने आया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भगवान श्रीकृष्ण भी पांचों वक्त की नमाज पढ़ा करते थे। इस बयान के सामने आने के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। इसी क्रम में अरुण पाठक ने भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मौलाना जरजिस अंसारी की ओर से भी इस विवाद पर कोई नया बयान सामने नहीं आया है।