वाराणसी में शूटिंग के दौरान करण नाथ और विनोद खन्ना
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पांच साल पहले फिल्म ‘गन्स ऑफ बनारस’ की शूटिंग के सिलसिले में बनारस आए सिने स्टार विनोद खन्ना की स्मृतियां गुरुवार को घाटों और संकरी गलियों में ताजा हो उठीं। तब उनकी झलक पाने के लिए हनुमान घाट से लेकर शिवाला तक कई मुहल्ले के लोग उमड़ पड़े थे।
उनके अभिनय, संवाद और अंदाज के लोग आज भी मुरीद हैं। उनके निधन की खबर आने के बाद काशी के घाटों पर उनके अभिनय की जीवंतता के चर्चे लोगों की जुबान पर थे। चर्चित अभिनेता विनोद खन्ना का लंबी बीमारी के बाद मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया।
विनोद खन्ना को बनारस से खासा लगाव था। वर्ष 2013 में वे कई दिनों तक यहां होटल रेडिसन में रुके थे।
यह फिल्म बनारस के कई इलाकों में करीब 50 दिनों तक शूट की गई थी। इस फिल्म में विनोद खन्ना लीड एक्टर करननाथ के पिता बने थे। इस फिल्म की शूटिंग वाराणसी के मंडलीय अस्पताल में भी हुई थी।
फिल्म में शूटिंग के दौरान मौजूद लोग बताते हैं कि विनोद खन्ना अकेले ही बनारस की गलियों में रात में घुमने निकल जाते थे। उन्होंने कहा था कि बनारस जैसा जीवंत शहर उन्होंने कहीं नहीं देखा था। यहां के घाट और मंदिर बेहद आकर्षक हैं। शूटिंग के दौरान वह बेहद सभी से बेहद आत्मीयता से मिलते थे।
गन्स ऑफ बनारस फिल्म 15 नवंबर 2013 को रिलीज हुई थी। वहीं फिल्म की शूटिंग के दौरान बनारस में एक छोटी सा किरदार निभाने वाले यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर रहे अनिरुद्ध सिंह ने विनोद खन्ना को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वे जमीन से जुड़े कलाकार थे और हमेशा नए और उभरते कलाकारों को प्रोत्साहित करते रहते थे।
काशी में साइकिल पर किताब लादकर घूमे थे विनोद खन्ना
विनोद खन्ना
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लक्ष्मण माझी को 23 सितंबर, 2013 का वो दिन अच्छी तरह याद है जब चेतसिंह किला घाट से निरंजनी अखाड़ा घाट तक ‘गन्स ऑफ बनारस’ की शूटिंग चल रही थी। महिलाएं, युवतियां गलियों और छतों से शूटिंग का नजारा देख रही थीं।
दामोदर यादव के जेहन में उस दिन का वो डायलॉग और सीन उभर आया। वह बताते हैं कि ‘लक्ष्मी, ओ लक्ष्मी... कहां हो.... चलो चाय पीते हैं...।’ एक साइकिल पर किताबें लादे चाय की चुस्की के साथ चेतसिंह किले के पास ऐसे ही संवाद बोलते विनोद खन्ना का अंदाज प्रशंसकों को खूब भाया था।
उनके साथ उस दिन थीं अपने जमाने की मशहूर अदाकारा जरीना वहाब। इससे पहले भी कई बार विनोद खन्ना ने बनारस की गलियों, घाटों पर वक्त गुजारा था।
काशी में बॉलीवुड की शूटिंग के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभालने वाले डॉ. रतिशंकर त्रिपाठी कहते हैं कि विनोद खन्ना को बनारस से गहरा लगाव था। वह जब भी यहां आते तो घाटों, गलियों में घूमना नहीं भूलते थे।