विनय के पिता ने कहा कि उनका बेटा कुछ समाज के लिए करना चाहता था। 2012 में वाराणसी शहर उत्तरी से विधानसभा का चुनाव एनसीपी के टिकट पर लड़ा था।
सफलता नहीं मिली तो पार्टी छोड़कर महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय महापंचायत नाम से स्वयंसेवी संगठन बनाकर समाजसेवा में जुट गया। लेकिन, राजनीतिक से मोहभंग अब भी नहीं हुआ था। पिछले लोकसभा चुनाव में मुंबई के कल्याण सीट से निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गया, मगर फिर हार का सामना करना पड़ा।
इस बीच मुंबई में उत्तर भारतीयों की अगुवाई करने की हसरत को लॉकडाउन में मुफीद मौका मिल गया और वह सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सएप आदि के जरिए लंबे-चौड़े पोस्ट कर मुंबई में उत्तर भारतीयों की नुमाइंदगी करने की राह पर चल पड़ा। इस बीच उसके एक पोस्ट ने सोशल मीडिया पर खलबली मचा कर रख दी। आरोप है कि उसकी पोस्ट के कारण ही बड़ी तादाद में उत्तर भारतीय लोग बांद्रा में एकत्र हुए और लॉकडाउन तार-तार हो गया।