ग्रामीणों की मानें तो रात भर तेंदुए के दहाड़ और गुर्राने की आवाज आती रही। इस कारण पहाड़ के करीब रहने वाले लोग रतजगा करते रहे। सुबह किसी ने दोबारा तेंदुए के दिखाई दिए जाने का हल्ला किया। इस पर पहाड़ पर फिर लोगों की भीड़ जुट गई।
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स्थानीय पुलिस के साथ वन विभाग के एस डी ओ पंकज शुक्ला, रेंजर प्रमोद सिंह दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। जिन स्थानों व झाड़ियों में तेंदुआ होने की बात ग्रामीणों ने कही। वहां पर पटाखा बजाकर और हवाई फायरिंग कर आहट जानने की कोशिश की। कोई हलचल नहीं होने पर वन कर्मी झाड़ियों में गए। वहां कुछ भी नहीं मिला। शाम तक खोजबीन के बाद टीम वापस चली गई। वन कर्मियों के मुताबिक तेंदुआ कल ही भाग गया है।
पहाड़ पर अराजकता फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई :
वन विभाग के एसडीओ पंकज शुकला ने बताया कि सोमवार को तेंदुए के आने और मंगलवार को अफवाह के बाद पहाड़ी पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सोमवार को कुछ लोगों ने पत्थर भी मारा। गांव के प्रधान से बात की गई तो पता चला कि अधिकांश बाहरी लोग आए थे, जो पत्थर चला कर तमाशबीन बने थे। एसडीओ ने कहाकि तेंदुआ चला गया है। टीम को लगाकर ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने को कहा गया है, पर जो लोग पहाड़ पर जाकर अराजकता या अफवाह फैलाएंगे। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गांव में आया तेंदुआ तो वन विभाग होगा जिम्मेदार :
वन विभाग तेंदुए के जंगल में भाग जाने की बात कह रहा है। वन अधिकारियों की माने तो तेंदुआ जंगल की ओर चला गया है। गांव में कोई खतरा नहीं है। मंगलवार को तेंदुआ आने की अफवाह फैलाई गई। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि अगर तेंदुआ गांव में आकर किसी प्रकार की कोई क्षति करता है तो इसकी जिम्मेदारी वन विभाग की होगी।
बीट वन रक्षक और फारेस्ट गार्ड तैनात :
जिगना। वन रेंजर पीके सिंह ने बताया कि तेंदुआ जंगल में चला गया है। फिर भी सर्तकता बरती जा रही है। ग्रामीणों को बताया गया कि तेंदुआ दिखाई देने पर वन विभाग को बताएं। किसी अफवाह को न फैलाएं। बताया कि गांव में बीट वन रक्षक, फारेस्ट गार्ड, वाचर सुरक्षा के जरुरी सामान के साथ मौजूद है। उनकी नजर पूरे क्षेत्र में है।
घायल की हालत गंभीर, मंडलीय अस्पताल में भर्ती :
पहाड़ी पर पत्थर मारने के दौरान तेंदुए ने पंजा मारकर दो लोगों को घायल कर दिया था। इसमें 35वर्षीय वीरेंद्र बिंद और 40 वर्षीय देवीशरण घायल हो गए थे। दोनों का स्थानीय अस्पताल में उपचार कराया गया। सोमवार की रात देवी शरण की हालत बिगड़ गई। उसे मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सोमवार की रात से देवी शरण कुछ नहीं बात पा रहा है।
वन रेंजर प्रमोद सिंह ने बताया कि तेंदुआ को सोमवार की देर शाम को जंगल में भगा दिया गया था। मंगलवार की सुबह कुछ लोगों ने अफवाह फैलाई तो मौके पर वन विभाग की टीम के साथ पटाखा बजाकर, झाड़ियों में जाकर छानबीन की गई, पर कोई आहट नहीं मिली। तेंदुआ जंगल में चला गया है।