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शहीदों की धरती गाजीपुर से पहली बार जुड़ा आतंकवाद का तार, गांव के लोग दहशत में

Thu, 08 Feb 2018 05:07 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,गाजीपुर
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शेख के घर सन्नाटा, आतंकियों से जुड़ाव की जानकारी पर रिश्तेदारों ने दूरी बनाई - फोटो : demo pic
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यूपी के गाजीपुर जिले की धरती शहीदी धरती की पहचान रखती है। पहली बार जिले के किसी व्यक्ति के तार आतंकवादियों से जुड़े होने की बात सामने आई है। गांव के लोग उसे आतंकी कहने लगे हैं। कारगिल युद्ध में जिस जिले के सात सपूतों ने अपने प्राणों को देश के लिए न्यौछावर करते हुए विजय का तिरंगा लहराया और देश के साथ ही जिले का नाम रौशन किया वहीं शेख अली अकबर ने आतंकवादियों से तार जोड़कर जिले का नाम आतंक से जोड़ दिया है।
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जमानिया तहसील के कसेरा पोखरा निवासी शेख अली अकबर का संबंध आतंकवादी संगठन से होने और परिवार के सदस्यों एवं करीबियों से अलग-अलग पूछताछ किए जाने से गांव के लोग दहशत में है। अकबर की गिरफ्तारी के बाद उससे मेलजोल रखने वाले तमाम लोग भयवश गांव छोड़कर इधर-उधर रहने लगे हैं।  चर्चा है कि अकबर पैसे के लालच और गलत सोहबत में फंस कर आतंकवादी संगठन से जुड़ गया। सच सामने आने के बाद लोग अब उसका नाम लेने से कतरा रहे हैं।

एटीएस के मुताबिक अकबर काफी दिनों से आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करता था। ग्रामीणों को भय है कि पुलिस कब किस व्यक्ति से पूछताछ करने लगेगी। बता दें कि सोमवार को लखनऊ से पकड़ा गया गाजीपुर निवासी शेख अली अकबर न सिर्फ आतंकवादियों की मदद कर रहा था बल्कि खुद भी आतंकी बनने की राह पर था। एटीएस ने अकबर के मोबाइल से जो डाटा रिकवर किया है, उसके मुताबिक वह पाकिस्तान और कश्मीर में बैठे आईएसआई एजेंट समेत 20 आतंकवादियों के संपर्क में था।
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एटीएस अकबर के एक और साथी महबूब से भी पूछताछ कर रही है। उधर, कोर्ट ने अकबर को 10 दिन की रिमांड पर एटीएस को सौंप दिया है। एटीएस उससे कश्मीर से लेकर पाकिस्तान और यूपी में उसके साथियों के बारे में पड़ताल करेगी। यूपी एटीएस ने अकबर के एक और साथी महबूब को भी पूछताछ के लिए बुलाया। उस पर शक है कि अकबर की सारी गतिविधियां उसे मालूम थीं।

एटीएस इस बात की पड़ताल कर रही है कि कहीं वह अकबर को सहयोग तो नहीं कर रहा था? आईजी एटीएस असीम अरुण ने बताया कि अकबर ने सितंबर में फेसबुक पर जेहाद नाम से सर्च किया और कुछ नंबर वहां से हासिल किए। तब से वह एक के बाद एक व्हाट्स एप ग्रुप से जुड़ता चला गया। अकबर के मोबाइल में 9 ऐसे व्हाट्स एप ग्रुप मिले हैं जिसमें देश विरोधी गतिविधियां चल रही थी।

जिन व्हाट्सएप ग्रुप में अकबर जुड़ा था, उसमें हिजबुल हमारी शान है, फ्रीडम फाइटर्स, हिज्ब मीडिया, जमात उद दावा कश्मीर, कश्मी की आजादी और मूसा-मूसा नाम के ग्रुप प्रमुख हैं। इन्हीं ग्रुप मं से एक में कश्मीर के बांदीपुरा में पकड़े गए आतंकी भी जुड़े थे, जिसने इससे पिस्टल की डिमांड रखी और इसके लिए दो बार में 40 हजार रुपये अकबर के रिश्तेदार के बैंक खाते में जमा कराए गए।

एक बार 10 हजार रुपये और दूसरी बार में 30 हजार रुपये खाते में डाले गए। यह पिस्टल जम्मू में डिलीवर होनी थी। बांदीपुरा में पकड़े गए आतंकी वहां से जम्मू आते और अकबर को गाजीपुर से जम्मू पहुंचना था।
 

पिता-चाचा की शोहरत पर अकबर ने लगा दिया दाग

शेख अली अकबर की मां से पूछताछ करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
देश के दुश्मनों की नजर पड़ने से पहले धूल चटाने का जज्बा रखने वाले पिता और चाचा के नाम को शेख अली अकबर ने कलंकित कर दिया। आर्मी में तैनात रहे पिता जफर अली और चाचा लियाकत अली ने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका अपना खून देश के दुश्मनों से हाथ मिला लेगा। सेवानिवृत्त होने के बाद पिता और चाचा दोनों की मौत हो चुकी है।

शेख अली की हरकतों की जानकारी होने पर ग्रामीण आश्चर्य में पड़ गए। उन्हें यकायक भरोसा नहीं हुआ कि हमेशा शांत रहने वाला शेख अली अकबर आतंकवादियों को हथियार आपूर्ति करता था। उसे सबूतों के साथ पकड़ा गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। शेख अकबर अली के आतंकवादियों का साथी होने की सूचनाओं से ग्रामीण दहशत में आ गए हैं।

उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि जिसके पिता और चाचा आर्मी में रहते हुए देश की सेवा की हो, उनके परिवार का एक युवक गांव और जनपद को कलंकित कर दिया है। कसेरा पोखरा के लोग ही नहीं, तहसील के गांवों में लोग चर्चा कर रहे हैं। जमानिया के पांडेय मोड़ से कसेरा पोखरा की तरफ जाने वाली पुलिस फोर्स को देख ग्रामीण सोचने पर विवश हो रहे हैं।

चाची के खाते में मंगाया था 40 हजार रुपया
शेख अली अकबर ने अपनी चाची के खाते में 40 हजार रुपये मंगाया था। चाची ने बताया कि कुछ दिन पहले उसके खाते में एक बार में 30 हजार और दूसरे बार में 10 हजार रुपये आए थे। यह पैसे उसने खाते से निकाल कर शेख अली के हवाले कर दिए थे। 

दुष्कर्म के प्रयास में जा चुका है जेल
शेख अली अकबर एक युवती के साथ दुष्कर्म करने के प्रयास में 2016 के अप्रैल में जेल जा चुका है। युवती के परिवारीजनों ने इस मामले में सुलह-समझौता कर लिया था। सुलह-समझौता के बाद ही शेख अकबर अली जेल से रिहा हुआ था। 

खुफिया तंत्र की कमजोरी सामने आई  
शेख अली की आतंकियों से नजदीकी सामने आने से खुफिया एजेंसियों पर सवाल उठने लगे हैं। सब कुछ होते रहने के बाद भी खुफिया विभाग को इसकी भनक तक नहीं लगी। लखनऊ से इनपुट मिलने के बाद खुफिया विभाग के अधिकारी इसकी पृष्ठभूमि खंगालने में जुट गए हैं, जबकि स्थानीय पुलिस भी सक्रिय हो गई है।
 
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मां और भाई का दावा, इंटरव्यू के लिए लखनऊ गया था अकबर

शेख अली अकबर का घर - फोटो : अमर उजाला
 आतंकवादियों को हथियार आपूर्ति करने के आरोप में एटीएस के हत्थे चढ़ा शेख अली अकबर बीते दिनों नौकरी के लिए साक्षात्कार देने की बात कहकर लखनऊ गया था। वह अपने चाचा आशिफ अली के घर गया और एक कंपनी में इंटरव्यू देने की बात कही।

शेख अली अकबर की मां शबनम और छोटे भाई कौसर अली का कहना यह भी है कि उसे फंसाया जा रहा है। जब वह आज तक बाहर ही नहीं गया हो तो इस तरह का काम कैसे कर सकता है।

परिवारीजनों ने कहा कि बीते चार फरवरी को दोपहर करीब दो बजे पटना-मथुरा एक्सप्रेस ट्रेन से शेख अली अकबर लखनऊ गया था। गांव के ही एक निजी विद्यालय से इंटर करने के बाद वह स्टेशन रोड पर स्थित एक दुकान में नौकरी करने लगा था।

कसेरा निवासी जफर अली की सात संतानों में से शेख अली दूसरे नंबर का है। बड़ी बहन की शादी के दौरान पिता जफर अली दुर्घटना में घायल हो गए थे। बाद में उनकी मौत हो गई थी। 

पिता की मौत के बाद शेख अली अकबर चार हजार रुपये की नौकरी करने लगा। परिवारीजनों ने बताया कि अकबर इससे पहले कभी बाहर नहीं गया था। पहली बार लखनऊ अपने चाचा के पास गया।

परिवारीजनों को जब सूचना मिली की अली अकबर आतंकवादियों को हथियार सप्लाई करने के आरोप में पकड़ लिया गया है, तो सभी स्तब्ध रह गए। परिवार के लोग उसे बेकसूर बता रहे हैं। 
 
जम्मू कश्मीर पहुंची एटीएस
यूपी एटीएस की एक टीम जम्मू कश्मीर पहुंच गई है जहां वह रविवार को बांदीपुरा से पकड़े गए चार आतंकियों वकार यासीन खां, आशिक हुसैन डार, रिजवान शफी लोन और जीशान लतीफ से पूछताछ करेगी।

कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि इन चारों युवकों ने मिलकर आईएसआईएस का नया मॉडयूल तैयार किया था। एटीएस ने अकबर की गिरफ्तारी के बाद बताया था कि बांदीपुरा में पकड़े गए आतंकियों ने इसके बारे में जानकारी दी थी।
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