आजमगढ़ जिले में परिषदीय विद्यालयों में बतौर सहायक अध्यापक तैनात दो शिक्षकों की अनोखी पहल आज गांव के अन्य बच्चों में शिक्षा की अलख जगा रहा है। दोनों सहायक अध्यापक गांव के आधा दर्जन अन्य पढ़े लिखे युवाओं के साथ गांव में ही नि:शुल्क कोचिंग चला कर बच्चों को शिक्षित कर रहे है। प्राइमरी से लेकर स्नातक तक की नि:शुल्क शिक्षा पंचायत भवन में बच्चों को दी जा रही है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि इस नि:शुल्क कोचिंग के पढ़े दो युवक हाल में घोषित सिपाही भर्ती परीक्षा में भी उत्तीर्ण हुए है।
लालगंज तहसील अंतर्गत आने वाले ग्राम सभा रसूलपुर गोसाई बाजार निवासी अविनाश गौतम व सुनील देवराज परिषदीय विद्यालयों में बतौर सहायक अध्यापक तैनात है। 2016 में तैनाती के बाद से ही दोनों युवाओं ने गांव के बच्चों को शिक्षा में सहयोग करने का निर्णय लिया। गांव के आधा दर्जन अन्य युवा भी इनके मुहिम में जुटे और फिर गांव के ही पंचायत भवन में नि:शुल्क कोचिंग की शुरूआत की गई। इस कोचिंग में प्राइमरी से लेकर स्नातक तक के बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है।
ग्रामीणों के सहयोग व अपने वेतन से धनराशि लगा कर युवाओं की यह टीम गांव के बच्चों के बीच शिक्षा का अलग जगाए हुए है। शाम चार बजे से गांव के पंचायत भवन में कोचिंग की शुरूआत होती है और छह बजे तक कक्षाएं संचालित होती है। दो सहायक अध्यापकों के साथ ही उनके आधा दर्जन अन्य साथी सभी बच्चों को उनकी कक्षा के अनुरूप तैयारियां करा रहे है। अब तो इस नि:शुल्क कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी करायी जा रही है। हाल ही में इस पुलिस भती के जारी हुए परीक्षा परिणामों में इस कोचिंग के पढ़े दो युवक सिपाही पद पर चयनित हुए है।