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विहंगम योग समारोह: छह राज्यों के दो हजार स्वयंसेवकों ने संभाली सेवा कार्य की जिम्मेदारी, मिलेंगी ये सुविधाएं

Mon, 17 Nov 2025 06:53 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव की तैयारियों जोरों पर हैं। छह राज्यों के दो हजार स्वयंसेवकों ने सेवा कार्य की जिम्मेदारी संभाली। 
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स्वर्वेद महामंदिर धाम परिसर में बन रहा पंडाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विहंगम योग संत समाज के 102वें वार्षिकोत्सव और 25 हजार कुंडीय स्वर्वेद ज्ञान महायज्ञ की तैयारियां तेज हो गई हैं। छह राज्यों के दो हजार स्वयंसेवकों ने सेवा कार्य की जिम्मेदारी संभाल ली है। स्वर्वेद महामंदिर धाम उमरहां परिसर में रविवार को उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात और राजस्थान से आए दो हजार स्वयंसेवकों ने सेवा-कार्य शुरू कर दिया।

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रविवार को किसी ने यज्ञ-कुंड के लिए लकड़ी की व्यवस्था, किसी ने यज्ञ-कुंड निर्माण व सामग्री प्रबंधन, तो किसी ने जल-सेवा और स्वच्छता व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली। कार्य तीव्र गति से संपन्न कराने के लिए सभी ने टीम बनाकर पूरी प्रतिबद्धता के साथ सेवा कार्य शुरू कर दिया। साथ ही, पश्चिम बंगाल और झारखंड के कारीगर महोत्सव में विशेष संरचनाओं का निर्माण कर रहे हैं। 25 और 26 नवंबर के महोत्सव के लिए बनाया जा रहा प्रवचन-पंडाल अत्याधुनिक जर्मन हैंगर से तैयार किया जा रहा है। यह पंडाल हजारों श्रद्धालुओं की समायोजन क्षमता के साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरक्षित एवं सुरक्षित होगा।

ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए आगंतुक श्रद्धालुओं के आवास के लिए ईपी टेंट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सभी भोजनालयों का निर्माण टिन शेड में किया जा रहा है। ताकि बड़े स्तर पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुरक्षित भोजन-व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। इसके साथ ही, जल-व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। अतिरिक्त पाइपलाइन और पानी के टैंकों की स्थापना का कार्य दिन भर चलता रहा।
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श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पूरे परिसर में गुनगुने पानी की भी समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि ठंड में किसी को असुविधा न हो। दिनभर के कार्यों के मध्य संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने यज्ञ-क्षेत्र, प्रवचन-पंडाल, आवास-व्यवस्था, भोजनालय और अन्य सेवा-बिंदुओं का निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय प्रमुखों को आवश्यक निर्देश दिए और सेवा में लगे स्वयंसेवकों को अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित कर उत्साहवर्धन किया।

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