वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में स्नातक, परास्नातक, यूजी, पीजी, डिप्लोमा सहित अन्य पाठ्यक्रमों में सीट नहीं भर पा रही है। पिछले तीन साल से हर सत्र में 1500 से 1900 से अधिक सीटें खाली रह रही हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन इसके पीछे कोई खास वजह नहीं बता पा रहा है। हालांकि, प्रवेश संबंधी प्रक्रिया में लेटलतीफी वजह मानी जा रही है। इस बार भी 1919 सीटें खाली हैं, इसमें करीब 500 सीटें यूजी की हैं। इसके अलावा डिप्लोमा, परास्नातक सहित अन्य पाठ्यक्रमों की सीटें हैं।
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विद्यापीठ परिसर में शिक्षा, मानविकी, समाज विज्ञान, समाज कार्य, विधि, विज्ञान, वाणिज्य संकाय के साथ ही पत्रकारिता संस्थान सहित अन्य पाठ्यक्रमों का संचालन किया जाता है। यूजी, पीजी, डिप्लोमा कोर्स को मिलाकर कुल 5074 सीटें हैं। हर साल प्रवेश की प्रक्रिया पूरी करने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिया जाता है। छात्र प्रवेश परीक्षा भी देते हैं। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को नियमानुसार काउंसिलिंग के लिए बुलाया जाता है। पहली, दूसरी, तीसरी चरण की काउंसिलिंग पूरी होने के बाद भी सीटें नहीं भर पा रही हैं। पिछले तीन शैक्षणिक सत्र से ऐसा ही है। विश्वविद्यालय में अब प्रवेश की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बावजूद 3155 सीटें ही भर पाई हैं।
सत्र दाखिला खाली सीट 2021-22 3585 1489 2022-23 4309 765 2023-24 3155 1919 कोट विश्वविद्यालय में नियमानुसार काउंसिलिंग की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इस बार भी 1919 सीटें खाली हैं। इस बारे में विभागाध्यक्षों को जानकारी दी जा चुकी है। फिलहाल आगे के प्रवेश के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। - प्रो. एके त्यागी, कुलपति