श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा में गुरुवार को फिर चूक उजागर हुई है। मंदिर में तैनात पर्यवेक्षक को सुरक्षाकर्मियों ने रेड जोन में मोबाइल से फोटो और वीडियो बनाते हुए पकड़ा। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए मंदिर प्रशासन के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा गया है। कुछ दिन पहले ही पर्यवेक्षक को कार्यालय से अटैच कर दिया गया है।
गुरुवार शाम एक आला अधिकारी अपने कुछ अतिथियों के साथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने पहुंचे थे। गर्भगृह में पूजा के दौरान पर्यवेक्षक योगेंद्र गर्ग अपने मोबाइल फोन से उनके पूजा-अर्चना की तस्वीर और वीडियो बनाने लगा। इसी दौरान गर्भगृह प्रभारी ने पर्यवेक्षक को मोबाइल का इस्तेमाल करने से रोका।
पाली प्रभारी पर दबाव बनाने का प्रयास किया लेकिन पाली प्रभारी ने उसे पकड़ लिया और इसकी सूचना उच्चाधिकारियों को दी। सुरक्षाकर्मियों ने मोबाइल अपने कब्जे में लेकर फोटो व वीडियो को डिलीट कराया।
एसपी सुरक्षा शैलेंद्र राय ने बताया कि पर्यवेक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पत्र लिखा गया है। साथ ही कर्मचारियों को मंदिर प्रशासन मोबाइल अंदर लाने की अनुमति ना दे, इसके लिए भी सीईओ को पत्र लिखा गया है। इस बारे में सीईओ विशाल सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला।
सुरक्षाकर्मियों को विशेष हिदायत
गेट पर तैनात जवान
- फोटो : file photo
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में वीडियो रिकॉर्डिंग और फेसबुक पर वायरल होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था सख्त हो गई है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से अतिसंवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन का माहौल गुरुवार को बदला-बदला नजर आया। एसपी सुरक्षा ने पूरे रेड जोन में मोबाइल पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने का आदेश जारी किया है।
सुरक्षाकर्मियों को विशेष हिदायत दी गई थी कि बिना लिखित आदेश के कोई भी व्यक्ति रेड जोन में मोबाइल से फोटो और वीडियो नहीं बनाएगा। गर्भगृह या आसपास मोबाइल का इस्तेमाल करते हुए पकड़ जाने पर एफआईआर दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई के लिए एसएसपी ने भी मंदिर प्रशासन को पत्र लिखा है।
गुरुवार को काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में पास धारकों की व्यापक चेकिंग हुई। रेड जोन में रहने वाले पासधारकों की भी जांच की गई और उनसे कहा गया कि वह मोबाइल का इस्तेमाल परिसर में तस्वीर व वीडियो बनाने के लिए नहीं करें।
रेड जोन में तैनात कर्मियों को भी सुरक्षाकर्मियों द्वारा मोबाइल का गलत इस्तेमाल नहीं करने का निर्देश दिया गया है। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने पूरे मामले की जांच के लिए एसपी सुरक्षा को जिम्मेदारी सौंपी है।
रेड जोन में मोबाइल प्रयोग किया तो जाना पड़ेगा जेल
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लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था की गोपनीयता भंग होने के मामले में अपनी-अपनी जांच रिपोर्ट प्रदेश और केंद्र सरकार को भेज दी है। छह अगस्त की रात 11:18 बजे काशी विकास समिति के कम्युनिटी पेज से फेसबुक पर मंदिर के रेड जोन का 13 सेकेंड का वीडियो वायरल करने के साथ तस्वीरें पोस्ट की गई थीं।
अमर उजाला में समाचार छपने के बाद वीडियो को पेज से हटा दिया गया है। एसपी सुरक्षा ज्ञानवापी शैलेंद्र राय ने बताया कि रेड जोन में मोबाइल के अनावश्यक रुप से इस्तेमाल पर प्रतिबंध का आदेश पहले से ही लागू था। मोबाइल के दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद आदेश को सख्ती से पालन करने का निर्देश जारी किया गया है।
कर्मचारी हो या फिर रेड जोन का निवासी सुरक्षा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो और फोटो वायरल होने के मामले की जांच चल रही है और जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी का कहना है कि मंदिर प्रशासन को पत्र भेजा गया है कि अपने कर्मचारियों को रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशीलता के बारे में समझाएं। अब गर्भ गृह या आसपास मोबाइल के साथ मंदिर प्रशासन का कर्मचारी पकड़ा गया तो एफआईआर दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।