बताया कि फॉरेंसिक एविडेंस का अनिवार्य उपयोग हो, जब अपराध की जांच के दौरान वैज्ञानिक तरीके से मिले सबूतों (जैसे डीएनए टेस्ट, फिंगरप्रिंट, मोबाइल डाटा, सीसीटीवी आदि) का उपयोग अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि जांच सटीक, निष्पक्ष रहे। गंभीर अपराधों में दोष सिद्धि सुनिश्चित करने के लिए 2431 मामलों में फॉरेंसिक एविडेंस संकलित कराया गया है। जिससे 7 वर्ष से अधिक दंडनीय अपराधों में ठोस साक्ष्य पर सजा दिलाने में सहायता मिले।
पुलिस कभी भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है
पुलिस आयुक्त ने बताया कि किसी भी सरकारी एजेंसी की ओर से डिजिटल अरेस्ट नहीं किया जाता और किसी को भी ओटीपी, यूपीआई, पिन या बैंक विवरण साझा नहीं करना चाहिए। पेंशन विसंगतियों, भुगतान, चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी समस्याओं के तुरंत समाधान व पेंशनर्स की व्यक्तिगत व घरेलू समस्याओं को संवेदनशीलता से हल करने के निर्देश दिए। थानों पर तैनात अधिकारियों को पेंशनर्स से नियमित संवाद बनाकर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए निर्देशित किया। सिगरा थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्रा ने तीन नए कानून के बारे में महिलाओं, युवतियों और छात्र-छात्राओं को जागरूक किया।