हिंदी पत्रकारिता दिवस की पूर्व संध्या पर शुक्रवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में वर्तमान वैश्विक संकट : मीडिया की भूमिका विषयक संगोष्ठी अैर 31वां राष्ट्रीय अलंकरण सम्मान समारोह हुआ। काशीरत्न, शान-ए-काशी, आईएजे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, आईएजे नागरिक अभिनंदन जैसे सम्मान से 20 विभूतियों को नवाजा गया।
मुख्य अतिथि पद्मश्री प्रो. श्याम सुंदर अग्रवाल ने कहा कि सच्ची पत्रकारिता से ही समाज में बदलाव ला सकते हैं। विशिष्ट अतिथि अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा के पूर्व कुलपति प्रो. रजनीश शुक्ल, डॉ. ओमप्रकाश शर्मा और संतोषी शुक्ला रहीं। अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि मीडियाकर्मियों को निर्भिकता से तथ्यों का सही मूल्यांकन करना चाहिए। उन्होंने विशिष्टजनों को शाॅल, प्रमाणपत्र, स्मृति चिह्न और पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया।
काशी रत्न सम्मान राजेश्वर पांडेय (समाज सेवी), डॉ. ममता टंडन (कत्थक नृत्यांगना), अशोक कुमार पांडेय (आकाशवाणी), डॉ. रवि शंकर पांडेय (व्याकरण संस्कृत सेवा), डॉ. वैभव जायसवाल (बाल रोग विशेषज्ञ, बीएचयू), विनोद दिक्षित (शिक्षा सेवा), अनिल कसेरा (धातु कला सेवा), महंत बलविंदर सिंह (समाज सेवी), डाॅ. अजीत सिंह (आर्थोपेडिक सेवा) को मिला। वहीं, शान-ए-काशी सम्मान गिरीश पांडेय काशिकेय (साहित्य सेवा), अमित कुमार पांडेय (पत्रकारिता), सना सलीम (उद्घोषिका), विजयता सचदेवा ( माॅडल, मिसेज एशिया विनर), कल्पना तिवारी (शिक्षा सेवा), नाजिश खान (कलात्मक), अंशुमान दुबे एडवोकेट (विधि सेवा), प्रकाम्य ओशो (मार्केटिंग सेवी) को दिया गया।
आईएजे लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड डॉ. आंनद पाल राय (शिक्षा सेवा) और आईएजे नागरिक अभिनंदन डॉ. सुबास चंद्र को दिया गया। अतिथियों ने वार्षिक पत्रिका दृष्टि का लोकार्पण भी किया। संचालन आशुतोष शास्त्री व संस्था के अध्यक्ष डॉ. कैलाश सिंह विकास ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. राजनाथ ने किया। इस मौके पर प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, डॉ. नितेश कुमार, अरविंद विश्वकर्मा, प्रो. जितेंद्र कुमार, मो. दाऊद, मोतीलाल गुप्ता आदि रहे।