जातिगत टिप्पणी पर मामूली कहासुनी से उपजा विवाद बढ़कर दो हॉस्टलों के बीच पहुंच गया। इसमें रूईया और बिरला हॉस्टल के छात्रों के बीच ईंट-पत्थर चलने लगे। घटना को जब विश्वविद्यालय प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम नहीं संभाल सकी, तो सूचना पाकर पहुंची पुलिस और पीएसी के जवानों ने मोर्चा संभाला।
देर शाम तक हॉस्टल में सर्च अभियान चलाया गया। बिरला सी हॉस्टल के करीब 10 कमरों में छात्र नहीं मिले, तो उन्हें सील कर दिया गया। बताया जा रहा है कि इन कमरों में बाहरी युवक रहते थे। विश्वविद्यालय में बृहस्पतिवार की दोपहर यूजीसी के नए नियम को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी था।
बीएचयू के विश्वनाथ मंदिर के बाहर छात्रों के एक गुट ने समर्थन में हस्ताक्षर अभियान चलाया, वहीं नए कानून के विरोध में भी छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और इसे छात्र विरोधी बताया। इस बीच, रूईया हॉस्टल के संस्कृत ब्लॉक के पास से गुजर रहे एक छात्र की कुछ छात्रों से जाति को लेकर बहस हो गई। इसके बाद रूईया हॉस्टल के संस्कृत ब्लॉक में रहने वाले छात्र पियूष तिवारी को कुछ छात्रों ने पीट दिया।
इस पर विवाद बढ़ गया और बड़ी संख्या में छात्रों ने मुंह बांधकर रूईया हॉस्टल जाने वाले रास्ते पर पथराव शुरू कर दिया। स्थिति यह हो गई कि पुलिस और प्रॉक्टोरियल बोर्ड को भी हेलमेट पहनकर बचाव करना पड़ा। चीफ प्रॉक्टर प्रो. संदीप पोखरिया ने पुलिस अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद कैंपस में घुसी करीब छह थानों की फोर्स ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने प्रॉक्टोरियल बोर्ड की मौजूदगी में छात्रों को हॉस्टलों में खदेड़ा।