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किराया 20, कैंट से लंका तक वसूल लिए 35 रुपये

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वाराणसी। कैंट स्टेशन से लंका का किराया 20 रुपये है तो 35 रुपये क्यों ले रहे हो..? यह सवाल पूछते हुए बृहस्पतिवार सुबह यात्री और ऑटो चालक के बीच लंका के मालवीय चौराहा पर काफी देर तक नोकझोंक होती रही। यहां तैनात ट्रैफिक पुलिस और लंका थाने के पुलिसकर्मी भी हस्तक्षेप करने के लिए आगे नहीं बढ़े। आखिरकार यात्री 35 रुपये देकर भुनभुनाता हुआ आगे बढ़ गया।
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कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण घोषित लॉकडाउन में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन बुधवार तक बंद था। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद बृहस्पतिवार से नगर क्षेत्र को चार जोन में बांट कर चार रंग के आधार पर ऑटो और रिक्शा की आवाजाही शुरू कराई गई। हालांकि पहले दिन ऑटो और ई-रिक्शा में बैठे यात्रियों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की धज्जियां उड़ती दिखीं और पुलिस-प्रशासन की ओर से कहीं चेकिंग नहीं की गई। ज्यादातर यात्री और चालक मास्क भी नहीं पहने दिखे। मनमाने किराये को लेकर यात्रियों और चालकों में जगह-जगह नोकझोंक हुई। तय किया गया था कि ई-पास के बगैर ऑटो और ई-रिक्शा नहीं चलेंगे, लेकिन इसकी जांच की कोई व्यवस्था नहीं दिखी। बगैर ई-पास वाले ऑटो और ई-रिक्शा भी दौड़ते दिखे। यात्रियों का कहना था कि शहर में ट्रैफिक पुलिस का इतना बड़ा तंत्र है। जगह-जगह चौराहों और तिराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी यदि सजग रह कर व्यवस्था संचालित कराते तो यात्रियों को दिक्कत नहीं होती।
पांडेयपुर से सारनाथ म्यूजियम तक ऑटो से आया हूं। सोशल डिस्टेंसिंग को लेकर चालक ने लापरवाही दिखाई। जो जहां मिला उसे बैठाते हुए आया। मजबूरी थी, इस वजह से जान जोखिम में डाल कर आना पड़ा। जिला प्रशासन को इसे लेकर सतर्कता बरतनी चाहिए। -अमन शर्मा, यात्री
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सभी ऑटो पहले की तरह ही चलने देने चाहिए। तीन महीने से ऑटो की किश्त बाकी है, घर का खर्च अलग से है। हम नियम का पालन करें या किश्त भरें या परिवार का पालन-पोषण करें। प्रशासन हमारे बारे में भी सहानुभूतिपूर्वक सोचे। -रमेश कुमार, ऑटो चालक
एक ऑटो में दो सवारी लेकर चलना है। ऐसे में पुराने किराया के आधार पर तो हमें कर्ज लेकर ऑटो चलाना होगा। प्रशासन सबके बारे में सोचे। ऑटो चलाने में एक दिन में हजारों रुपये की कमाई नहीं होती है। कर्ज लेकर सवारी नहीं ढोई जा सकती है। -राजकुमार जायसवाल, ऑटो चालक
मनमाना किराया वसूला जा रहा है और सवारी भी पहले जैसे ही बैठा रहे हैं। कैंट रेलवे स्टेशन से लंका तक आया हूं, लेकिन पुलिसकर्मी कहीं भी ऑटो चालक को टोकते नजर नहीं आए। ऑटो चालक मनमानी कर रहे हैं और पुलिस लापरवाही बरत रही है। -राजेश प्रसाद, यात्री
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