काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि शुक्र 18 करोड़ 52 लाख किलो मीटर दूर था, यह माइनस 3.98 मैग्निट्यूड से चमक रहा था।
वहीं, चंद्रमा 3 लाख 79 हजार किलोमीटर दूर था। दूर रहते हुए भी शुक्र की 10 फीसदी चमक थी। इतना बड़ा अंतर होते हुए भी इनका कोण पृथ्वी से देखने पर इस प्रकार था कि एक साथ नजर आ रहे थे।