पुलिस के अनुसार जिस कार में सवार बदमाश ने गोली मारी है, वह प्रयागराज के कसयावर बमैला, हंडिया निवासी भरत कुमार सिंह के नाम से रजिस्टर्ड है। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भी प्रयागराज का ही है। इसलिए पुलिस की एक टीम कार मालिक की तलाश में उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों के लिए भी रवाना की गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के समय कार में कौन-कौन सवार था।
10 वर्ष से कर रहा था फाइनेंस कंपनी के लिए काम
चार भाइयों में दूसरे नंबर के वीर बहादुर सिंह के पिता रमाशंकर सिंह उर्फ फौजदार सिंह सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। परिजनों ने बताया कि वीर बहादुर लगभग 10 वर्ष से फाइनेंस कंपनी के लिए काम कर रहा था। दो बेटियों और एक बेटे के पिता वीर बहादुर की हत्या की जानकारी पाकर उसकी पत्नी सुमन की हालत बेसुधों जैसे हो गई। रोते-बिलखते हुए परिजन आनन-फानन घर से शहर के लिए रवाना हुए। वीर बहादुर का शव देख कर सभी रोने-बिलखने लगे।
अधिकारी बोले
कार के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से हम आरोपियों की धरपकड़ का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस टीमें लगी हुई हैं, जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
-सरवनन टी, एडीसीपी गोमती जोन
जिले में बीते आठ दिन में हत्या की चार घटनाओं को अंजाम दिया गया। वाहन सीजर की हत्या से पहले बीते एक जनवरी की सुबह छावनी क्षेत्र स्थित चर्च परिसर में साफ-सफाई का काम करने वाली विक्टोरिया की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। एक जनवरी की शाम चोलापुर थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव में प्रेमिका के घर पहुंचा जौनपुर निवासी शुभम सेठ जिंदा जल गया और उपचार के दौरान तीन जनवरी को उसकी मौत हो गई। इससे पहले 31 दिसंबर की रात ताड़ीखाना तिराहा के समीप स्थित लॉन में अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।