बीते माह आसमान छू रहे सब्जियों के दाम अब सामान्य हो गए हैं। इससे गरीब और मध्य वर्गीय तबके को काफी राहत मिली है। इन दिनों सब्जी मंडी में लगभग सभी सब्जियों का भाव कम हो गया है। इसका कारण सब्जियों की अच्छी उपज और बारिश का नहीं होना बताया गया है। बताते चलें कि बारिश नहीं होने से मौसमी सब्जियां जैसे नेनुआ, भिंडी, परबल, लौकी, बैंगन आदि के भाव में काफी कमी आई है।
वाराणसी के मंडुआडीह और सुंदरपुर सब्जी मंडी में नेनुआ, बोड़ा और भिंडी 20 से 30 रुपये का ढाई किलो, पालक और बथुआ का साग 10 रुपये गड्डी, लौकी 15 से 20 रुपये और खीरा 25 से 30 रुपये किलो बिक रहा है। परवल 30 से 40 रुपये किलो तो फूलगोभी अलग-अलग साइज में 30 से 50 रुपये तक मिल रहा है। बैगन 40 रुपये, करेला 25 से 30 रुपये, हरी मिर्च 40 से 50 रुपये किलो है।
वहीं बाहर से आने वाली हरी सब्जियों के दाम अभी भी महंगाई के लिहाज से काफी कम हैं। जो टमाटर अभी 40 से 45 दिन पहले 15 से 20 रुपये प्रति किलोग्राम में बिक रहा था उसका दाम अब 50 से 60 रुपये किलोग्राम तक हो चुका है। शिमला मिर्च 60 से 70 रुपये प्रति किलोग्राम तो मूली 50 से 60 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहा है। नींबू अभी भी अपने पुराने रेट में मिल रहा है।
परवल, नेनुआ, भिंडी, करेला, कुंदरु, पालक, कद्दू, कोंहड़ा, लौकी जैसी हरी सब्जियों की कीमतों में गिरावट आई है। वहीं फलों की महंगाई में कोई राहत नहीं मिली है। अलग-अलग प्रकार के आम 30 से 60 रुपये किलो मिल रहा है। अनार और सेब का भाव 170-180 से ऊपर ही चल रहा है।