वाराणसी विकास प्राधिकरण अब अवैध निर्माण का पता लगाने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेगा। इसे लेकर तैयारी कर ली गई है और गूगल इसमें मददगार बनने वाला है। कार्रवाई की पूरी जानकारी अधिकारियों को देनी होगी और एप पर भी डिटेल अपलोड करना होगा।
शहर में अवैध निर्माण कराने वाले अब नहीं बचेंगे। इनका पता लगाने के लिए वीडीए गूगल लोकेशन की मदद लेगा। इससे आसानी से अवैध निर्माण स्थल तक अधिकारी पहुंचकर सील और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को अंजाम देंगे। गूगल लोकेशन की मदद से अवैध निर्माण का पता लगने के बाद वीडीए के अधिकारी की गई कार्रवाई की पूरी जानकारी देंगे। वीडीए सीमा में होने वाले अवैध निर्माण की जानकारी फोटो समेत सैटेलाइट से मिलेगी।
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इसके बाद गूगल लोकेशन की मदद से अवैध निर्माण तक पहुंचने वाले अधिकारी कार्रवाई करेंगे। इसकी फोटो एप पर डालेंगे। इस पर क्या कार्रवाई हुई, इसे भी एप पर लोड किया जाएगा। इससे अवैध निर्माण की अनदेखी नहीं हो पाएगी। हर हाल में निर्माण पर कार्रवाई होगी। कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत पर भी अंकुश लगेगा।शहर में कमर्शियल व रेजिडेंशल अवैध निर्माण सैकड़ों की तादाद में हैं।
पिछले दिनों हुए सर्वे में 200 से अधिक अवैध निर्माण की लिस्ट तैयार की गई थी। 150 से अधिक लोगों को नोटिस दिए गए। 60 से अधिक डेमोलेशन ऑर्डर जारी किए गए। इनमें से कई जगहों पर कार्रवाई की गई। वीडीए उपाध्यक्ष पुलकित गर्ग के अनुसार अवैध निर्माणों पर नकेल कसने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए सभी जोनल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। गूगल लोकेशन की मदद से अवैध निर्माण कार्य स्थल से आसानी से पहुंचा जा सकता है।