वाराणसी के पॉश इलाके महमूरगंज और इसके साथ ही घसियारी टोला में किए जा रहे अवैध निर्माण पर सोमवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की नींद टूट गई। वीडीए ने इस बहुमंजिला इमारत को सील कर दिया है। वीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले में पास कराए गए नक्शे से एक मंजिल अधिक निर्माण करा लिया गया था।
शहर में धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माण की खबर को अमर उजाला ने सोमवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद वीडीए उपाध्यक्ष और सचिव के निर्देश पर अधिकारियों-कर्मचारियों ने 10वीं मंजिल को सील कर दिया।
वीडीए के तहसीलदार और जोनल अधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि दशाश्वमेध वार्ड के महमूरगंज में बिल्डर अनुज डिडवानिया ने ग्राउंड फ्लोर केसाथ नौ मंजिल का नक्शा पास कराया था। बाद में चोरी-छिपे एक और मंजिल का निर्माण करा लिया गया था। इसी तरह कोतवाली वार्ड के घसियारी टोला में अन्नपूर्णा देवी की ओर से नक्शा पास कराए बगैर के ग्राउंड फ्लोर के अलावा चार मंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। इन्हें भी सील कर दिया गया।
100 से अधिक नोटिस, फिर कार्रवाई नहीं
वीडीए की सीमा में अवैध निर्माण होने, शिकायत पहुंचने और फिर नोटिस देकर सील करने का खेल लंबे समय से चल रहा है। नक्शे के विपरीत निर्माण होने पर उच्चाधिकारी से शिकायत होने पर ही वीडीए कार्रवाई करता है। अब तक 100 से अधिक मामलों में वीडीए नोटिस जारी कर चुका है। हालांकि इसके बाद फिर चुप्पी साध ली जाती है।
सूत्रों का कहना है कि सभी जोन और वार्डों में अवैध निर्माण चल रहे हैं। इसमें कई ऐसे हैं, जहां बेसमेंट का निर्माण कराया जा रहा है। क्षेत्रीय अभियंताओं, जोनल अधिकारियों और भवन स्वामियों की मिलीभगत से बिना नक्शा पास कराए निर्माण हो रहा है। मैदागिन चौराहे के आसपास और विशेश्वरगंज मंडी में भी अवैध ढंग से बेसमेंट संचालित हैं।
उनमें पार्किंग की जगह का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी तरह शहर केसघन इलाके बांस फाटक पर एक बड़े कारोबारी के यहां बने बेसमेंट में व्यवसाय किया जा रहा है। लहुराबीर इलाके में कई बेसमेंट में दुकानें संचालित हैं।