वाराणस। वीडीए ने मंगलवार को जोन-दो में अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन टीम ने छह अलग-अलग स्थानों पर 18 बीघा क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त कराया। वीडीए उपाध्यक्ष पुर्ण बोरा ने बताया कि ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम की धारा-27 के तहत की गई। जोन-दो के वार्ड-सारनाथ क्षेत्र में विनय यादव की दो बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई। चंदन सिंह की तरैयां में दो बीघा और मुन्ना सिंह की खरगीपुर में दो बीघा अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई हुई। रमेश यादव की बरियासनपुर में सबसे बड़ी 10 बीघा अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। रोहित पटेल और प्रवीण की सलारपुर में एक-एक बीघा अवैध प्लॉटिंग भी हटाई गई।
मुन्ना सिंह, रमेश यादव, रोहित पटेल और प्रवीण की ओर से विकसित की जा रही प्लॉटिंग बिना स्वीकृत ले-आउट और मानचित्र के थी। कार्रवाई के दौरान जोनल अधिकारी रवींद्र प्रकाश और अवर अभियंता राजू कुमार सहित प्रवर्तन टीम के सदस्य मौजूद रहे। वीडीए ने चेतावनी दी कि भूमि खरीदने से पहले भूखंड का लैंडयूज जांचना और आवासीय श्रेणी सुनिश्चित करना आवश्यक है। प्लॉटिंग के लिए न्यूनतम 9 मीटर चौड़ा पहुंच मार्ग होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या विक्रय कार्रवाई ले-आउट स्वीकृति के बाद ही की जानी चाहिए।
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अवैध निर्माण पर होगी कठोर कार्रवाई
वीडीए में ले-आउट आवेदन जमा होने के बाद नियमानुसार सात दिन के भीतर स्वीकृति का प्रावधान है। वीडीए उपाध्यक्ष ने आम जनता से अपील की कि वे केवल प्राधिकरण से स्वीकृत ले-आउट वाले प्लॉट ही खरीदें। उन्होंने मानचित्र स्वीकृत कराए बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य न करने की सलाह दी। ऐसा न करने पर नियमानुसार कठोर प्रवर्तनात्मक कार्रवाई की जाएगी।