देश की सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी में मेट्रो रेल परियोजना को रफ्तार देने की कोशिशें तेज हो गई हैं। वीडीए ने हरहुआ में मेट्रो टर्मिनल की जमीन खरीदने के लिए शासन से 658 करोड़ रुपये की मांग की है। गनेशपुर और बेनियाबाग में दो जगह मेट्रो टर्मिनल बनने हैं।
बीएचयू से भेल (हरहुआ) तक और बेनिया से सारनाथ तक कुल 29 किमी से अधिक लंबा मेट्रो रेल कॉरिडोर बनना है। प्रोजेक्ट पर 17256 करोड़ खर्च होने का प्रारंभिक अनुमान है। लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन को नोडल एजेंसी बनाया गया है। वीडीए स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रहा है।
इस परियोजना को छह साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले साल मेट्रोमैन ई श्रीधरन ने निरीक्षण कर प्रस्तावित रूटों को हरी झंडी दे चुके हैं। उन्होंने पहला कॉरिडोर वर्ष 2021 तक पूरा होने की उम्मीद जताई थी। बीएचयू से भेल तक पहले कॉरिडोर की लंबाई 19.3 किमी होगी।
इसमें 17 स्टेशन होंगे। जबकि दूसरे कॉरिडोर की लंबाई 9.9 किमी होगी, इसमें नौ स्टेशन होंगे।
प्रस्तावित रूट: पहला कॉरिडोर -
बीएचयू से भेल तक : बीएचयू, तुलसी मानस मंदिर, रत्नाकर पार्क, बंगाली टोला, काशी विश्वनाथ (चितरंजन पार्क), बेनियाबाग, रथयात्रा, काशी विद्यापीठ, कैंट, नदेसर, कलेक्ट्रेट, भोजूबीर, गिलट बाजार, संगम कालोनी, शिवपुर, तरना और भेल।
दूसरा कॉरिडोर
बेनियाबाग से सारनाथ : बेनियाबाग से कोतवाली, मछोदरी पार्क, काशी बस डिपो, जलालीपुरा, पंचक्रोशी चौराहा, आशापुर, हवेलिया और सारनाथ स्टेशन।