वसंत पंचमी पर विश्वनाथ मंदिर में हुई मां सरस्वती की आराधना
वाराणसी। वसंत पंचमी पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित मां सरस्वती की विधि-विधान से आराधना की गई। मंदिर न्यास का प्रतिनिधित्व करते हुए मंदिर के डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन-अर्चन कराया। विद्या और संगीत की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती से विद्या, विवेक, वाणी और कला की समृद्धि की कामना की गई। वसंत पंचमी पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा।
मार्कंडेय धाम में उमड़े भक्त
शहर के बाहर मार्कंडेय महादेव घाट, ढकवां के गौरीशंकर महादेव घाट, माधोपुर घाट और वरुणा तट पर रामेश्वर घाट पर स्नान के लिए भीड़ रही। ग्रामीण इलाकों के लोगों ने स्नान कर शिवालयों में दर्शन-पूजन किया। मार्कंडेय महादेव धाम में दर्शन के लिए पूर्वांचल भर से श्रद्धालु पहुंचे थे। शूलटंकेश्वर महादेव, रामेश्वर महादेव मंदिर, गौरीशंकर महादेव में दर्शन किए।
ग्रामीण क्षेत्रों के पूजा पंडालों में मां पूजीं गईं वीणावादनी
वाराणसी। चिरईगांव, हरहुआ, चौबेपुर, पिंडरा, आराजीलाइन, राजातालाब, सेवापुरी, बड़ागांव आदि इलाकों में मां सरस्वती की पूजा हुई। बलुआबीर स्पोर्टिंग क्लब के सरस्वती पूजा पंडाल में लोगों ने मां सरस्वती की आराधना की। शृंगार में संतोष साहू, विद्याशंकर मौर्य, मनीष गुप्ता, संदीप सिंह, ऋतुराज सिंह, गोपाल यादव रहे। चंदुआ हबीबपुरा में वंदनी यंग बाॅयज क्लब के पूजा पंडाल में भी पूजन-अर्चन हुआ। पूजन क्लब के अध्यक्ष आशीष केशरी, शेखर, रितेश, कुंवर, अशोक आदि रहे। तेलियाना स्थित प्राचीन श्री सेवाती डीह बाबा का वार्षिक शृंगार हुआ। श्री कपाल भैरव मानस मंडल के वार्षिकोत्सव पर संगीतमय सुंदरकांड पाठ हुआ।
मां वाग्देवी की आराधना से गूंजा संस्कृत विश्वविद्यालय
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वाग्देवी मंदिर परिसर एवं शिक्षा शास्त्र विभाग में शुक्रवार को वसंत पंचमी मनाई गई। कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने मां वाग्देवी की आराधना कर विश्वविद्यालय की उन्नति एवं राष्ट्र अभ्युदय की कामना की। कुलपति प्रो. शर्मा ने कहा कि मां सरस्वती ज्ञान, विद्या और कलाओं की अधिष्ठात्री हैं। उनकी उपासना से जीवन में नवचेतना का संचार होता है।
कार्यक्रम के दौरान संगीत विभाग की ओर से डाॅ. श्रुति सारस्वत उपाध्याय एवं विद्यार्थियों ने श्लोक, भजन और कीर्तन की प्रस्तुत दी। इस अवसर पर प्रो. रामपूजन पांडेय, प्रो. हेतराम कच्छवाह, प्रो. शैलेश कुमार मिश्र, प्रो. अमित कुमार शुक्ल, डा. विशाखा शुक्ला, परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार आदि माैजूद रहे।