वाराणसी में पड़ रही भीषण गर्मी
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जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने कहा कि मौसम प्रतिकूल है। तापमान ज्यादा है। प्रशासन की तरफ से एडवाइजरी भी जारी की गई है। दिन में बाहर निकलने से बचें और ज्यादा पेय पदार्थों का सेवन करें। ग्राम पंचायत स्तर पर खराब पड़े हैंडपंप और जलस्रोतों को रीबोर कराने का काम कराया जा रहा है। पशुओं और अन्य के लिए जलाशयों में पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
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गर्मी व लू को देखते हुए अस्पतालों की इमरजेंसी में अलग वार्ड बनाए गए हैं। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य महकमा अलर्ट पर है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल रामनगर में 10-10 बेड के हीट स्ट्रोक वार्ड बनाए गए हैं। डॉक्टरों की सलाह पर लोगों को भर्ती किया जाएगा। इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर और विशेषज्ञ डॉक्टर लोगों की निगरानी करेंगे।ऑन कॉल विशेषज्ञ बुलाए जाएंगे। सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी का कहना है कि पहले से बीमार लोगों, बच्चों, बुजुर्गों की सेहत पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। लापरवाही भारी पड़ सकती है।
भीषण गर्मी और धूप से बचने के लिए लोग इस तरह से निकले।
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आईएमएस बीएचयू में मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. नीलेश सिंह का कहना है कि शरीर में गर्मी को नियंत्रित करने के लिए हाईपोथेलेमस (एक प्रकार की ग्रंथि जो तापमान को नियंत्रित करती है) होता है। सीधे शरीर पर धूप पड़ने के बाद हाइपोथेलेमस का स्तर बढ़ता है। इस अवस्था में शरीर की कोशिकाएं सामान्य तरीके से काम नहीं कर पाती हैं। इससे मल्टी आर्गन फेल्योर का खतरा रहता है।
सिरदर्द, उल्टी, चक्कर, बेहोशी आती है।बचाव के लिए सबसे अधिक जरूरी है कि सिर से लेकर पूरे शरीर को ढककर रखना चाहिए। पानी की मात्रा कम न होने दें। बाहर निकलने पर साथ में नीबू पानी और इलेक्ट्रॉल पावडर साथ रखे। अगर किसी वजह से धूप लग भी गई है तो अपने को ठंडे कमरे में रखे। वहां कमरे में सूखापन न रहे। बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
कमजोरी, चिड़चिड़ापन, सिरदर्द, शरीर से अधिक पसीना आना, मिचली, उल्टी, सांस और दिल की धड़कन तेज होना, नींद पूरी न होना।
शरीर में पानी की कमी न हो, बाहर निकलने पर सिर को ढकें, धूप से आने के बाद तुरंत ठंडा पानी न पीएं, नींबू, छाछ व आम के पने का सेवन करते रहें, मौसमी फल, सब्जी का सेवन करें।